शनि — मकरक स्वामी — जन्मराशि सँ तृतीय भाव मे छथि। तृतीय भाव शनिक बारहो स्थान मे सभसँ अनुकूल मानल जाइत अछि। मकरक साढ़े साती जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ चुकल अछि आ एखन ढैया सेहो नहि अछि।
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पराक्रम भाव मे राशि-स्वामी शनि
तृतीय भावक अर्थ अछि साहस, स्वप्रयत्न, भाइ-बहिन, छोट यात्रा आ नव कौशल। उपचय भाव होयबाक कारणेँ पापग्रह सेहो एतय शुभ फल दैत अछि, आ शनि तँ मकरक अपने स्वामी छथि। एहि दुनू बातक मेल सँ मार्च 2025 सँ जून 2027 मकर लेल शनिक दृष्टि सँ सभसँ खुजल समय अछि।
व्यावहारिक भाषा मे एहि चरण मे साहसी निर्णय फलैत अछि। नव कौशल सिखब, नव भूमिका मे जायब, अपन किछु शुरू करब आ दोसर शहर मे अवसर ताकब — शनि एहि मे अड़ंगा नहि लगबैत छथि। लेखन, मीडिया, बिक्री, परिवहन आ प्रशिक्षणक क्षेत्र मे एहि राशि केँ विशेष सफलता भेटैत अछि। भाइ-बहिन सँ पुरान मतभेद सेहो एही अवधि मे मेटयबाक संभावना बेसी अछि।
पंचम, नवम आ द्वादश भाव पर दृष्टि
तृतीय भावक शनिक तृतीय, सप्तम आ दशम दृष्टि मकर राशिक पंचम, नवम आ द्वादश भाव पर पड़ैत अछि।
पंचम भाव पर तृतीय दृष्टि सौम्य अछि आ धिया-पुताक पढ़ाइ तथा दीर्घकालिक निवेश केँ अनुशासन दैत अछि। नवम भाव पर सप्तम दृष्टि भाग्य आ पिताक घर पर अछि — पिताक स्वास्थ्य पर ध्यान देब आ विदेशक आवेदन हड़बड़ी मे नहि करब एकर चेतावनी थिक।
द्वादश भाव पर दशम दृष्टि खर्च आ निन्नक घर पर अछि; एहि दू वर्ष मे हिसाब राखब आ सुतबाक समय सम्हारब जरूरी भऽ जाइत अछि। एकटा महत्वपूर्ण आगाँक सूचना — मकरक कंटक शनि 3 जून 2027 सँ शुरू होइत अछि, किएक तँ तखन शनि मेष अर्थात् मकर सँ चतुर्थ भाव मे जाइत छथि आ ओतय ओ नीच सेहो होइत छथि। ओ चरण 2030 धरि चलत, तेँ मकर लग आगाँ दू वर्ष खुजल अछि आ ओकरे योजना लेल उपयोग करबाक अछि।
वक्री शनि, सिंहेश्वर स्थान आ शनि दिनक व्रत
27 जुलाई सँ 11 दिसंबर 2026 क साढ़े चारि मास मे शनि वक्री रहैत छथि। तृतीय भावक वक्री शनिक अर्थ छोड़ल कौशल फेर सिखबाक अवसर, रोकल उद्यम फेर शुरू होयब वा भाइ-बहिन सँ भेल पुरान झगड़ा फेर सोझाँ आबि कऽ मेटायब।
राशि-स्वामी स्वयं वक्री होयबाक कारणेँ मकर जातक केँ एहि अवधि मे एक तरहक अंतर्मुखता अनुभव होइत छनि — अपन काजक लेखा-जोखा लेबाक मोन होइत छनि, आ लेबाको चाही। 11 दिसंबर 2026 क बाद शनि मार्गी होइत छथि; जनवरी सँ मई 2027 नव शुरुआत लेल एहि पूरा गोचरक सर्वश्रेष्ठ समय अछि, किएक तँ तकर तुरंत बाद कंटक शनिक चरण शुरू होबऽ वला अछि। एहि पाँच मास मे लेल गेल निर्णय अगिला तीन वर्षक व्यवस्था बना दैत अछि।
उपाय मे मधेपुरा जिलाक सिंहेश्वर स्थान एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — ऋष्यशृंग मुनि सँ जुड़ल कोसी क्षेत्रक प्राचीन शिवधाम; महाशिवरात्रि पर एतुका मेला आ साओनक जलाभिषेक मिथिलाक जानल-मानल परंपरा अछि। व्रत मे शनि दिनक व्रत — शनि स्वयं स्वामी छथि, तेँ एहि राशि केँ शनि सँ डरबाक नहि चाही; शनि दिन तिल, लोहा आ तेलक दान तथा मजदूर-बूढ़-पुरान लोकनिक संग सम्मानपूर्ण व्यवहार एतबे पर्याप्त अछि। एकटा स्पष्ट सलाह: मकान, जमीन वा माताक स्वास्थ्य सँ जुड़ल जे काज करबाक अछि, से जून 2027 सँ पहिने कऽ लिअ।
❓ मकर राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
की मकर राशिक साढ़े साती समाप्त भऽ गेल अछि?
हँ। मकर राशिक साढ़े साती जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ गेल। एखन शनि मीन मे अर्थात् मकर सँ तृतीय भाव मे छथि — शनिक बारहो स्थान मे सभसँ अनुकूल मानल जाय वला स्थान। एखन ढैया सेहो नहि अछि।
मकर राशिक अगिला शनि चरण कहिया आ कोन अछि?
3 जून 2027 केँ शनि मेष अर्थात् मकर सँ चतुर्थ भाव मे जयताह आ तखन कंटक शनि — ढैया — शुरू होयत; ओ 2030 धरि चलत। मेष मे शनि नीच सेहो होइत छथि, तेँ मकान, जमीन आ माताक स्वास्थ्य तखन सोझाँ आओत।
मकर राशि केँ महत्वपूर्ण निर्णय कहिया लेबाक चाही?
जनवरी सँ मई 2027 सर्वश्रेष्ठ अछि — 11 दिसंबर 2026 केँ शनि मार्गी होइत छथि आ 3 जून 2027 सँ कंटक शनि शुरू भऽ जाइत अछि। एहि पाँच मास मे लेल गेल निर्णय अगिला तीन वर्षक व्यवस्था बना दैत अछि।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 29 मार्च 2025 — शनि कुंभ सँ मीन मे; 17 मई 2026 केँ रेवती नक्षत्र मे।
- 27 जुलाई 2026 — शनि मीनक 20°31' पर वक्री।
- 9 अक्टूबर 2026 — वक्री शनि रेवती सँ पुनः उत्तरा भाद्रपद मे; 11 दिसंबर 2026 केँ 13°41' पर मार्गी।
- 3 जून 2027 — शनि मीन छोड़ि मेष मे; ई गोचर समाप्त।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।