शनि धनु सँ चतुर्थ भाव मे छथि — अर्थात् कंटक शनि वा अर्धाष्टम शनि, जे ढैयाक एक प्रकार थिक। ढैयाक अर्थ अछि चंद्र राशि सँ चतुर्थ वा अष्टम भाव मे शनि; ई साढ़े साती नहि थिक। धनुक साढ़े साती जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ चुकल अछि।
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कंटक शनि — मकान, जमीन आ माताक घर
चतुर्थ भावक अर्थ अछि रहबाक मकान, जमीन, वाहन, माता आ मोनक स्वस्थता। शनि एतय अबैत छथि तँ एहि पाँचो ठाम किछु ने किछु अटकैत अछि — निर्माण लंबा खिंचब, जमीनक सौदा रुकब, वाहनक मरम्मति निकलब, माताक स्वास्थ्यक ध्यान माँगब आ मोनक बिना कारण बेचैन रहब। ज्योतिष मे एकरा कंटक शनि कहल जाइत अछि, किएक तँ ओ गड़ैत रहैत अछि — तोड़ैत नहि अछि।
धनु राशि लेल एहि चरणक दबाव दोहरा अछि आ ई स्पष्ट कहबाक चाही। शनि चतुर्थ भाव मे छथिए, ताहि पर मीन सँ हुनक दशम दृष्टि सेहो सोझे धनु राशि पर पड़ैत अछि। तेँ मकानक प्रश्न आ काजक ठामक दबाव एके संग अनुभव होइत अछि। गुरु धनुक स्वामी छथि आ गुरु-शनि तटस्थ, तेँ विरोध नहि मुदा राहत सेहो अपने-आप नहि भेटैत अछि।
षष्ठ, दशम आ जन्मराशि पर दृष्टि
चतुर्थ भावक शनिक तृतीय, सप्तम आ दशम दृष्टि धनु राशिक षष्ठ, दशम आ प्रथम भाव पर पड़ैत अछि।
षष्ठ भाव पर तृतीय दृष्टि सौम्य आ उपयोगी अछि — ओ कर्ज चुकयबा मे आ प्रतिस्पर्धा मे मदति करैत अछि। दशम भाव पर सप्तम दृष्टि काजक ठाम पर जिम्मेदारी बढ़बैत अछि; बदली, नव भूमिका वा काजक स्वरूप मे बदलाव एही दृष्टिक फल थिक।
जन्मराशि पर दशम दृष्टि एहि गोचरक सभसँ बेसी अनुभव होबऽ वला पक्ष अछि। शरीर मे भारीपन, थकान आ ठेहुन-डाँरक शिकायत एकर सामान्य परिणाम। एकटा राहत सेहो दर्ज करबाक चाही — 2 जून 2026 सँ कर्क मे आयल उच्च गुरुक नवम दृष्टि ठीक धनुक चतुर्थ भाव पर, अर्थात् शनिए पर पड़ैत अछि। मकान आ माताक स्वास्थ्यक अटकल विषय जून सँ अक्टूबर 2026 आ फेर फरवरी सँ जून 2027 मे सम्हारब सभसँ सहज होइत अछि।
वक्री शनि, पुनौरा धाम आ छठ
27 जुलाई 2026 केँ शनि 20°31' पर वक्री होइत छथि, 9 अक्टूबर केँ रेवती सँ उत्तरा भाद्रपद मे पाछाँ हटैत छथि आ 11 दिसंबर केँ 13°41' पर मार्गी होइत छथि। चतुर्थ भावक वक्री शनिक धनु लेल ठोस अर्थ अछि — अधूरा छोड़ल निर्माण, रोकल जमीनक सौदा, टारल मरम्मति वा माताक अधूरा रहि गेल जाँच, ई सभ ओही साढ़े चारि मास मे फेर हाथ अबैत अछि। ओकरा टारबाक बदला निपटयबाक यैह समय थिक।
ओही समय 31 अक्टूबर 2026 केँ गुरुक सिंह मे चलि गेलासँ चतुर्थ घर पर हुनक दृष्टि हटि जाइत अछि — तेँ नवंबर 2026 सँ जनवरी 2027 एहि पूरा गोचरक सभसँ भारी तीन मास अछि। जमीन-मकानक पैघ सौदा तखन नहि कऽ जनवरी 2027 क बादक समय चुनू। 3 जून 2027 केँ शनि पंचम भाव मे जयताह आ ई कंटक शनि समाप्त होयत।
उपाय मे सीतामढ़ी जिलाक पुनौरा धाम एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — ओ पवित्र भूमि जतय लोकपरंपराक अनुसार राजा जनकक हर चलबैत काल धरती सँ जानकी प्रकट भेलीह; मकान आ जमीनक घर पर बैसल कंटक शनि मे धरती-माताक आश्रय लेबाक संकेत सँ ई ठीक बैसैत अछि। व्रत मे कातिकक छठ — मिथिलाक सभसँ पैघ लोकपावनि, जाहि मे डूबैत आ उगैत दुनू सूर्य केँ अर्घ्य देल जाइत अछि; शनि सूर्यपुत्र छथि, तेँ ई संदर्भ जुड़ैत अछि।
❓ धनु राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
धनु राशि केँ साढ़े साती अछि वा ढैया?
ढैया। शनि मीन मे रहबाक कारणेँ धनु सँ चतुर्थ भाव मे छथि — अर्थात् कंटक शनि वा अर्धाष्टम शनि। ढैयाक अर्थ अछि चंद्र राशि सँ चतुर्थ वा अष्टम भाव मे शनि। धनुक साढ़े साती अक्टूबर 2014 मे शुरू भऽ कऽ जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ चुकल अछि।
धनु राशि पर दबाव दोहरा किएक अछि?
शनि धनु सँ चतुर्थ भाव मे छथिए, ताहि पर मीन सँ हुनक दशम दृष्टि सेहो सोझे धनु जन्मराशि पर पड़ैत अछि। तेँ मकानक प्रश्न आ काजक ठामक दबाव एके संग अनुभव होइत अछि। 3 जून 2027 केँ शनिक पंचम भाव मे गेलापर ई दोहरा दबाव पूर्ण रूप सँ हटि जायत।
धनु राशि केँ जमीन वा मकानक सौदा कहिया करबाक चाही?
नवंबर 2026 सँ जनवरी 2027 सभसँ भारी तीन मास अछि, किएक तँ तखन गुरु सिंह मे जा कऽ चतुर्थ घर पर हुनक दृष्टि हटि जाइत अछि। पैघ सौदा तखन टारि कऽ फरवरी सँ जून 2027 क समय चुनू।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 29 मार्च 2025 — शनि कुंभ सँ मीन मे; 17 मई 2026 केँ रेवती नक्षत्र मे।
- 27 जुलाई 2026 — शनि मीनक 20°31' पर वक्री।
- 9 अक्टूबर 2026 — वक्री शनि रेवती सँ पुनः उत्तरा भाद्रपद मे; 11 दिसंबर 2026 केँ 13°41' पर मार्गी।
- 3 जून 2027 — शनि मीन छोड़ि मेष मे; ई गोचर समाप्त।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।