राहु मेष सँ एकादश लाभ भाव मे आ केतु पंचम भाव मे छथि। लाभ भावक राहु केँ राहुक बारहो स्थान मे सभसँ अनुकूल मानल जाइत अछि — मुदा केतु संतान आ निवेशक घर मे रहबाक कारणेँ ओतय सावधानी आवश्यक अछि।
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एकादश भावक राहु — पैघ इच्छाक डेढ़ वर्ष
एकादश भाव आय, जेठ भाइ-बहिन, मित्रमंडली आ पूरा होमयबला इच्छाक भाव अछि। राहु बढ़ाबयबला ग्रह छथि आ एही घर मे हुनका सभसँ बेसी छूट भेटैत छनि। 18 मई 2025 सँ मेष जातकक सामाजिक दायरा बदलल होयत, नव जान-पहिचान बनल होयत आ आयक कोनो अप्रत्याशित बाट खुजल होयत।
राहु कुंभ मे छथि, तेँ हुनकर स्वामी शनि भेलाह, आ शनि एखन मीन मे छथि — अर्थात् मेषक द्वादश भाव मे, जतय एहि राशिक साढ़े साती चलि रहल अछि। व्यावहारिक अर्थ ई जे लाभ भाव सँ आबयबला पाइ द्वादश भाव सँ खर्च सेहो भ' जाइत अछि। मेष केँ एहि अवधिक बढ़ल आयक हिसाब अलग राखबाक चाही। पंचम भावक केतु संतान आ निवेशक मामिला मे उदासीनता अनैत अछि; सट्टा आ तुरंत लाभक योजना एहि दू वर्ष मे टारू।
2026 क ग्रहण मेषक कोन-कोन भाव मे पड़ल
राहु-केतुक धुरी ग्रहणक धुरी सेहो अछि। एहि गोचरक चारि ग्रहण मेष राशिक क्रमशः एकादश, पंचम, चतुर्थ आ फेर एकादश भाव मे पड़ल — तिथि सभ ऊपरक बक्सा मे दर्ज अछि।
मेषक लेल एहि मे सभसँ मुखर 3 मार्च 2026 क सिंह वला चंद्रग्रहण रहल। ओ पंचम अर्थात् संतान-विद्या-निवेशक घर मे पड़ल, आ ठीक ओही घर मे केतु डेढ़ वर्ष सँ बैसल छथि। ग्रहण केतुक विषय केँ गाढ़ कयलक: बच्चाक पढ़ाइक निर्णय, अध्ययनक दिशा वा कोनो अटकल निवेश ओही अवधि मे सोझाँ आयल होयत।
एकर विपरीत एकादश भावक दुनू ग्रहण मेषक लेल अपेक्षाकृत हल्लुक अछि — लाभ भावक ग्रहण आयक स्रोत बदलैत अछि, रोकैत नहि। 12 अगस्त 2026 क चतुर्थ भाव वला सूर्यग्रहण मकान आ माताक विषय केँ छुबयबला छल। ऊपर दर्ज अछि जे अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल, तेँ सूतकक प्रश्न नहि छल; भावक फल तैयो बनल रहैत अछि।
5 दिसंबर 2026 क धुरी-परिवर्तन आ कपिलेश्वर स्थान
5 दिसंबर 2026 केँ राहु कुंभ सँ मकर मे आ केतु सिंह सँ कर्क मे जाइत छथि। (मध्यम गणित सँ 5 दिसंबर, स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर — पंचांगक अनुसार दस दिनक अंतर अबैत अछि।) ई धुरी ओतय करीब अठारह मास, अर्थात् मध्य 2028 धरि रहत।
मेषक लेल राहु एकादश भाव सँ दशम कर्म भाव मे आ केतु पंचम सँ चतुर्थ सुख भाव मे सरकैत छथि। लाभक चरण समाप्त भ' काज, पद आ प्रतिष्ठाक चरण शुरू होइत अछि; मकान, जमीन आ माताक विषय मे केतुक उदासीनता अबैत अछि। दिसंबर 2026 क बाद नोकरी मे अप्रत्याशित बदलाव वा नव अवसर अयबाक संभावना बढ़ैत अछि।
ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 केँ गुरु आ केतु सिंह मे 1°15' पर करीब पूर्ण रूपेँ युत होइत छथि — दुनूक बीच मात्र 0.05 अंश। मेषक लेल ई योग पंचम भाव मे बनैत अछि, तेँ अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच संतान, शिक्षा वा निवेश मे दिशा-परिवर्तन संभव अछि। उपाय मे मधुबनी जिलाक कपिलेश्वर स्थान आ व्रत मे श्रावण शुक्ल पंचमीक नाग पंचमी एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि।
❓ मेष राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
मेष राशिक लेल राहु-केतु गोचर 2025-2026 केहन अछि?
राहु मेष सँ एकादश लाभ भाव मे छथि — राहुक बारहो स्थान मे सभसँ अनुकूल। आयक नव बाट आ नव जान-पहिचान एकर फल अछि। मुदा केतु पंचम भाव मे रहबाक कारणेँ संतान आ निवेश मे सावधानी चाही; सट्टा तथा तुरंत लाभक योजना टारू।
अगस्त 2026 क ग्रहणक सूतक भारत मे मानबाक छल?
नहि। 12 अगस्त 2026 क सूर्यग्रहणक समय भारत मे सूर्य क्षितिज सँ बहुत नीचाँ छल — दिल्लीक गणना सँ 58 अंश — आ 28 अगस्तक चंद्रग्रहणक समय चंद्रमा 43 अंश नीचाँ। सूतक स्थानीय दृश्यता सँ तय होइत अछि, तेँ मिथिला सहित समस्त भारत मे एहि दुनू ग्रहणक सूतक मानबाक कारण नहि छल।
5 दिसंबर 2026 क बाद मेष राशिक लेल की बदलत?
राहु मकर अर्थात् मेषक दशम कर्म भाव मे आ केतु कर्क अर्थात् चतुर्थ सुख भाव मे जयताह। लाभक चरण समाप्त भ' काज आ पदक चरण शुरू होइत अछि; नोकरी मे अप्रत्याशित बदलाव वा नव अवसर अयबाक संभावना बढ़ैत अछि।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
- ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
- अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
- 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।