🗓️ मेष — चरण आ तिथि
मेष राशि एखन साढ़े सातीक प्रथम चरण मे अछि। ई 29 मार्च 2025 केँ ओही दिन शुरू भेल जाहि दिन शनि मीन राशि मे अयलाह — मीन मेषसँ बारहम भाव अछि। ई चरण एके बेर मे नहि निपटैत अछि: शनि 3 जून 2027 केँ पहिल बेर मेष मे प्रवेश करैत छथि, फेर वक्री भऽ अक्टूबर 2027 मे घूरि कऽ मीन मे आबि जाइत छथि, आ फरवरी 2028 मे जा कऽ स्थायी रूपसँ मेष मे बैसैत छथि। तेँ मेषक शिखर चरण वास्तव मे 2028 सँ अछि आ पूरा चक्र लगभग 2035 धरि चलत।
⚖️ शनि आ मंगल — मेष पर वास्तविक फल
बारहम भावक शनि व्यय, एकांत, निन्न आ परदेसक भाव केँ छुबैत छथि। मेष जातकक लेल एकर अर्थ ई बनैत अछि जे जे काज पहिने एक दिन मे निपटि जाइत छल से आब तीन दिन माँगि रहल अछि, आ बहुत किछु लोकक नजरिसँ नुका कऽ करय पड़ि रहल अछि।
मेषक स्वामी मंगल छथि आ शनिक नैसर्गिक शत्रु-सूची मे मंगल अबैत छथि। यैह शत्रुता मेषक साढ़े सातीक असल अनुभव तय करैत अछि: मंगल तुरंत आक्रमण चाहैत छथि, शनि प्रतीक्षा। एहन नहि जे फल नहि भेटैत अछि — फल तौलि कऽ आ देरसँ भेटैत अछि। प्रथम चरण मे स्वास्थ्यसँ बेसी दबाव पाइक हिसाब पर पड़ैत अछि।
🪔 मेष क उपाय — स्वामी मंगल क अनुसार
स्वामी मंगल केँ बल देब मेषक असल उपाय अछि — शनि केँ डराएब नहि। मंगल दिन मसूरक दालि आ गुड़क दान, बरख मे एक बेर रक्तदान, आ शरीर केँ वास्तविक श्रम। मेष जातकक लेल क्रोधे सभसँ महग खर्च अछि; उत्तर देबासँ पहिने एक राति रुकि जायब कोनो उपायेक बराबर काज करैत अछि। महिषीक उग्रतारा स्थान मे मंगल दिन शक्ति-उपासनाक परंपरा एही मंगल-बलक धारणासँ जुड़ल अछि।
मोन राखू, साढ़े साती दुर्भाग्यक नाम नहि अछि। ई ठोस होयबाक समय अछि — जे श्रमसँ ठाढ़ कयल गेल से टिकैत अछि, जे उधार पर ठाढ़ छल से खसि पड़ैत अछि।
🌗 तीन चरण — मेष लेल कोन कहिया
| चरण | शनि कोन राशि मे | मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|
| प्रथम — उदय मेष सँ बारहम भाव |
मीन मार्च 2025 – फरवरी 2028 |
खर्च आ बेचैनी बढ़ैत अछि; मंगलक तेजी पर पहिल लगाम एतहि लगैत अछि |
| द्वितीय — शिखर जन्म राशि |
मेष फरवरी 2028 – मई 2030 |
शनि मेष पर; स्वास्थ्य, मान आ नेतृत्व तीनू एक संग तौलल जाइत अछि |
| तृतीय — अस्त मेष सँ दोसर भाव |
वृषभ मई 2030 – जुलाई 2032 |
परिवार आ बचतक हिसाब माँगल जाइत अछि; तीख बोल एतय सभसँ महग |
✨ मेष क नक्षत्र — एकहि राशि, भिन्न अनुभव
मेष राशि मे पड़य वला नक्षत्र — अश्विनी (चारू चरण), भरणी (चारू चरण) आ कृत्तिकाक पहिल चरण। एकर स्वामी क्रमशः केतु, शुक्र आ सूर्य छथि, तेँ एके मेष राशिक दू जातक एके साढ़े साती केँ पूर्ण रूपसँ अलग ढंगसँ भोगैत छथि। अश्विनी मे जन्म हो तँ जीवन केतु दशासँ, भरणी मे शुक्रसँ आ कृत्तिका मे सूर्य दशासँ आरंभ होइत अछि।
❓ मेष राशि आ साढ़े साती — प्रश्नोत्तर
मेष राशिक साढ़े साती कहिया समाप्त होयत?
लगभग 2035 मे। आरंभ मार्च 2025 (शनि मीन मे), शिखर चरण फरवरी 2028 सँ जखन शनि मेष मे स्थिर होइत छथि, आ अंतिम चरण शनिक वृषभ मे रहैत।
की एखन मेष जातक नव व्यापार शुरू कऽ सकैत छथि?
कऽ सकैत छथि, मुदा उधारक पाइसँ नहि। बारहम शनि खर्च बढ़बैत छथि आ प्रतिफल पाछाँ धकेलैत छथि, तेँ अपन पूँजीसँ छोट आरंभ कऽ 2028 क बाद बढ़ायब उचित अछि।
की मेष जातक केँ नीलम पहिरबाक चाही?
लगभग कहियो नहि। मेषे मे शनि नीच होइत छथि आ मंगल-शनि शत्रुता सेहो अछि। पाथरसँ पहिने नियम, दान आ श्रम — ई तीन आजमाउ।