🗓️ तुला — चरण आ तिथि
तुला राशि पर एखन साढ़े साती नहि अछि। शनि अहाँक षष्ठ भाव मीन मे छथि। तुलाक पछिला साढ़े साती जनवरी 2020 मे समाप्त भेल, जखन शनि धनु छोड़ि मकर मे गेलाह। अगिला तखन शुरू होयत जखन शनि कन्या मे पहुँचताह, लगभग 2039 सँ। बीच मे शनिक मेष मे रहैत तुला केँ सप्तम शनि भेटत — ओ साढ़े साती नहि, मुदा संबंध आ साझेदारीक परीक्षाक काल अछि।
⚖️ शनि आ शुक्र — तुला पर वास्तविक फल
षष्ठ भाव ऋण, रोग आ शत्रुक अछि। गोचर मे एतय शनि अत्यंत अनुकूल छथि, कारण एतय ओ अहाँ केँ नहि, अहाँक विरोधी केँ रोकैत छथि। पुरान ऋण चुकैत अछि आ अदालती मामिला मे मोड़ अबैत अछि।
तुलाक स्वामी शुक्र छथि, आ तुले ओ राशि अछि जतय शनि स्वयं उच्च होइत छथि — 20 अंश पर परमोच्च। ई तुला जातकक लेल आजीवन सुविधा अछि: शनि हिनका संग कहियो पूरा शत्रु जकाँ व्यवहार नहि करैत छथि। वृषभ आ तुला लग्न मे शनि योगकारक सेहो बनैत छथि, तेँ बहुत रास तुला जातकक लेल साढ़े साती पदोन्नति सेहो लऽ कऽ आयल रहैत अछि।
🪔 तुला क उपाय — स्वामी शुक्र क अनुसार
शुक्र स्वामी छथि, मुदा तुलाक उपाय वृषभसँ अलग दिशा मे जाइत अछि — वृषभ लेल ओ आराम छोड़बाक अछि, तुला लेल न्याय बनौने रखबाक। शुक्र दिन उज्जर फूल आ सुगंधक दानक संग एकटा काज आर करू: जकर बकाया अछि ओकरा समय पर दिअ। मिथिलाक सुजनी कढ़ाइ — जतय एकटा सुजनी मास-मास माँगैत अछि — शुक्र आ शनिक एही मिलल-जुलल गुणक प्रतीक अछि।
तुला लेल सेहो साढ़े साती विश्रामक समय नहि अछि; ई मात्र ओ समय अछि जखन परिश्रमक प्रतिदान बेसी निश्चित भऽ जाइत अछि।
🌗 तीन चरण — तुला लेल कोन कहिया
| चरण | शनि कोन राशि मे | मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|
| प्रथम — उदय तुला सँ बारहम भाव |
कन्या 2039 – 2041 |
साझेदारी मे दूरी अबैत अछि; असगरे निर्णय लेबय पड़ैत अछि |
| द्वितीय — शिखर जन्म राशि |
तुला 2041 – 2044 |
शनि तुला पर आ उच्च; दबाव अछि, मुदा प्रतिदानो निश्चित |
| तृतीय — अस्त तुला सँ दोसर भाव |
वृश्चिक 2044 – 2047 |
परिवार आ आयक बीच संतुलन माँगल जाइत अछि; आनक बकाया समय पर दिअ |
✨ तुला क नक्षत्र — एकहि राशि, भिन्न अनुभव
तुला राशि मे पड़य वला नक्षत्र — चित्राक तेसर आ चारिम चरण, स्वाति (चारू चरण) आ विशाखाक पहिल तीन चरण। स्वामी मंगल, राहु आ गुरु। स्वाति राहुक नक्षत्र अछि आ सेहो ठीक ओही राशि मे जतय शनि उच्च होइत छथि — ई मेल स्वाति जातक केँ मोल-भावक विशेष समझ दैत अछि। विशाखा दू राशि मे बँटल अछि, तेँ चरण जनने बिना साढ़े सातीक गणना गलत भऽ जाइत अछि।
❓ तुला राशि आ साढ़े साती — प्रश्नोत्तर
शनि तुला मे उच्च छथि तँ की तुला जातक केँ साढ़े साती नहि लगैत अछि?
लगैत अछि, मुदा ढंग अलग अछि। स्वामी शुक्रसँ शनिक मैत्री होयबाक कारण तुलाक साढ़े साती प्रायः परिश्रम आ जिम्मेदारी बनि कऽ अबैत अछि, हानि बनि कऽ नहि।
की षष्ठ शनिक समय अदालती मामिला शुरू कयल जा सकैत अछि?
गोचरक दृष्टिसँ ई अनुकूल स्थिति अछि — षष्ठ भावक शनि विरोधी केँ रोकैत छथि। मुदा कागज पूरा हो तखने; शनि प्रमाण चाहैत छथि, पक्ष नहि।
शनि योगकारक होथि तैयो उपायक आवश्यकता अछि?
अछि, मुदा अलग कारणसँ। योगकारक शनि फल परिश्रम आ न्यायक बदला दैत छथि; तेँ तुला लेल उपायक अर्थ पूजा नहि — ककरो बनैत हक समय पर घुरायब अछि।