🗓️ सिंह — चरण आ तिथि
सिंह राशि पर साढ़े साती नहि अछि, मुदा एखन अष्टम शनि अर्थात् ढैया चलि रहल अछि — शनि अहाँक चंद्र राशिसँ आठम भाव मीन मे। ई मार्च 2025 सँ शुरू भेल आ शनिक मेष मे स्थिर होइते, अर्थात् फरवरी 2028 मे, पूर्ण रूपसँ समाप्त भऽ जायत। सिंहक असल साढ़े साती बहुत दूर अछि — शनिक कर्क मे पहुँचला पर, लगभग 2034 सँ 2041 धरि।
⚖️ शनि आ सूर्य — सिंह पर वास्तविक फल
आठम भाव आयु, गुप्त परिवर्तन, उत्तराधिकार आ आनक धनक अछि। एतय शनि होथि तँ परिवर्तन अचानक अबैत अछि आ पहिने सूचना नहि दैत अछि — नोकरी, घर वा शरीर मे। बहुतोक अनुभव मे ढैया साढ़े सातियोसँ तीख लगैत अछि, कारण ई पूरा दबाव मात्र अढ़ाइ बरख मे दऽ दैत अछि।
सिंहक स्वामी सूर्य छथि। पुराण मे शनि सूर्यक पुत्र छथि, मुदा ज्योतिष मे ई पिता-पुत्र परस्पर शत्रु मानल जाइत छथि। परिणाम ई जे सिंह जातकक लेल शनिक प्रत्येक कठिन गोचर मान, पद आ पहिचाने पर चोट करैत अछि — पाइ पर नहि।
🪔 सिंह क उपाय — स्वामी सूर्य क अनुसार
सूर्य स्वामी होयबाक कारण सिंहक उपाय रवि दिनक आसपास अछि — सूर्योदयक समय जल-अर्घ्य, गहूम आ गुड़क दान, आ पिता वा वरिष्ठ अधिकारीसँ अधूरा पड़ल बात साफ करब। छठि पर्व मे डूबैत आ उगैत सूर्य केँ अर्घ्य देबाक मिथिलाक परंपरा एहि चरणक लेल सभसँ उपयुक्त अछि।
ढैयाक एहि समय मे स्वास्थ्य जाँच नहि टारू आ ककरो ऋणक जमानतदार नहि बनू। ई भयक बात नहि, सावधानीक अछि; शनि असावधानीए केँ फल दैत छथि।
🌗 तीन चरण — सिंह लेल कोन कहिया
| चरण | शनि कोन राशि मे | मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|
| प्रथम — उदय सिंह सँ बारहम भाव |
कर्क 2034 – 2037 |
पद आ प्रचारसँ दूर रहय पड़ैत अछि; खर्च मान बचयबा पर होइत अछि |
| द्वितीय — शिखर जन्म राशि |
सिंह 2037 – 2039 |
शनि सिंह पर; सूर्य-शनि शत्रुतासँ पहिचान देरसँ भेटैत अछि |
| तृतीय — अस्त सिंह सँ दोसर भाव |
कन्या 2039 – 2041 |
पिता, उत्तराधिकार आ खानदानी मान-मर्यादाक हिसाब होइत अछि |
✨ सिंह क नक्षत्र — एकहि राशि, भिन्न अनुभव
सिंह राशि मे पड़य वला नक्षत्र — मघा (चारू चरण), पूर्वा फाल्गुनी (चारू चरण) आ उत्तरा फाल्गुनीक पहिल चरण। स्वामी केतु, शुक्र आ सूर्य। मघा पितरक नक्षत्र अछि आ एकर स्वामी केतु छथि — तेँ मघा जातकक लेल ई अष्टम शनिक ढैया उत्तराधिकार आ पितृ-कार्यसँ जुड़ल प्रश्न सोझाँ अनैत अछि।
❓ सिंह राशि आ साढ़े साती — प्रश्नोत्तर
अष्टम शनि आ साढ़े सातीक बीच अंतर की अछि?
अष्टम शनि अढ़ाइ बरखक ढैया अछि — चंद्र राशिसँ आठम भाव मे शनि। साढ़े साती साढ़े सात बरखक अछि आ बारहम, प्रथम तथा द्वितीय भावसँ जुड़ल अछि।
सिंहक ई ढैया कहिया समाप्त होयत?
फरवरी 2028 मे, जखन शनि स्थायी रूपसँ मेष मे प्रवेश करताह। बीच मे जून 2027 सँ अक्टूबर 2027 धरि अस्थायी राहत भेटत।
की ढैया मे पदोन्नतिसँ मना कऽ देबाक चाही?
नहि। अष्टम शनि पदोन्नति नहि रोकैत छथि; ओ मात्र परिवर्तन केँ अचानक कऽ दैत छथि। नव जिम्मेदारी लिअ, मुदा पुरान ठामक हिसाब साफ कऽ कऽ।