☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 17 October 2026
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♑ मकर राशि — राहु-केतु गोचर 2026-2028

Makar Rashi · राहु-केतु गोचर 2026-2028 · Maithili Jyotish

★★★☆☆

राहु मकर सँ द्वितीय भाव मे आ केतु अष्टम भाव मे छथि। द्वितीय भावक राहु आयक नव बाट देखबैत अछि मुदा खर्च सेहो ओतबे बढ़बैत अछि — आ 5 दिसंबर 2026 क बाद ई धुरी सोझे मकर पर आबय बला अछि।

द्वितीय भावक राहु — पाइ अबैत अछि आ जाइत अछि

द्वितीय भाव संचित धन, परिवार, अन्न आ बजबाक ढंगक थिक। राहु एतय अबैत छथि तँ आयक नव आ अपरंपरागत बाट खुजैत अछि — मई 2025 सँ मकर जातक मे सँ अनेक केँ दोसर स्रोत सँ, ऑनलाइन काज सँ वा कोनो नव क्षेत्र सँ आय भेटय लागल होयत।

मुदा राहुक पहिचान ई अछि जे ओ बढ़बैत छथि, टिकबैत नहि। एहि घरक राहु खर्च सेहो ओतबे तेजी सँ बढ़बैत अछि आ सम्हारबाक अनुशासन अपने आप नहि अबैत अछि। शनि मकरक स्वामी छथि आ राहुक स्वामी सेहो शनिए (कुंभक) — ई जुड़ाव अनुकूल अछि आ तेँ एहि राशि मे हिसाब रखबाक क्षमता स्वाभाविक अछि; ओकरा व्यवहार मे आनब मात्र बाँकी अछि। द्वितीय भाव वाणीक सेहो थिक — एहि अवधि मे बजबा सँ गलतफहमी वा बेसी बजबा सँ हानि संभव अछि। अष्टम भावक केतु बीमा, उत्तराधिकार आ जीवनसाथीक आर्थिक बात मे उदासीनता अनैत अछि।

मकरक लेल ग्रहणक नक्शा

मकर राशिक लेल एहि गोचरक चारि ग्रहण द्वितीय, अष्टम, सप्तम आ फेर द्वितीय भाव मे पड़ल।

द्वितीय भावक दू ग्रहण राहुक स्थान पर पड़ल। द्वितीय भाव संचित धन, परिवार आ वाणीक थिक — अर्थात् मकर राशिक आर्थिक व्यवस्था केँ दू बेर धक्का लागल। आयक स्रोत बदलब, परिवार मे पाइक विषय उखड़ब वा बाजल शब्द सँ हानि होयब, ई फरवरी आ अगस्त 2026 क आसपास भेल होयत।

12 अगस्त 2026 क सप्तम भाव बला सूर्यग्रहण जीवनसाथी आ साझेदारी सँ जुड़ल — ओही अवधि मे कोनो अनुबंध, विवाहक गप वा साझेदारीक निर्णय आगाँ बढ़ल होयत। 3 मार्चक अष्टम भाव बला चंद्रग्रहण केतुक स्थान पर पड़ि बीमा-उत्तराधिकारक विषय केँ गाढ़ करैत अछि। अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल, तेँ सूतकक प्रश्न नहि छल।

5 दिसंबर 2026 — राहु सोझे मकर राशि मे, बाबा बैद्यनाथ

मकर राशिक लेल ई धुरी-परिवर्तन आन कोनो राशि सँ बेसी महत्वपूर्ण अछि। 5 दिसंबर 2026 केँ राहु सोझे मकर जन्मराशि मे अबैत छथि आ केतु सप्तम भाव मे चलि जाइत छथि। ई धुरी मध्य 2028 धरि टिकत।

जन्मराशिक राहु अर्थात् व्यक्तित्व, रूप-रंग आ महत्वाकांक्षा मे पैघ बदलाव। नव पहिचान बनब, अचानक अवसर आयब आ जीवनक दिशे बदलि जायब एहि स्थानक सामान्य फल अछि। ओकरा संग अपना विषय मे अवास्तविक कल्पना आ बेचैनी सेहो ओकरे लक्षण थिक; ई नहि कहल जाय तँ ई पन्ना अधूरा रहि जायत।

सप्तम भावक केतु जीवनसाथीक मामिला मे दूरी अनैत अछि। दिसंबर 2026 क बाद मकर केँ संबंध मे संवाद बढ़ायब आ प्रत्येक अनुबंध लिखित राखब आवश्यक होयत। ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 क गुरु-केतु योग मकरक अष्टम भाव मे बनैत अछि। उपाय मे देवघरक बाबा बैद्यनाथ धाम — द्वादश ज्योतिर्लिंग मे सँ एक, जतय मिथिलाक काँवरिया सावन मे सुल्तानगंजक गंगाजल ल' क' पैदल पहुँचैत छथि — आ व्रत मे तिला संक्रांति अर्थात् मकर संक्रांति पर तिल-गुड़क दान एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि। बाँचल मास मे आर्थिक व्यवस्था बना लिअ आ परिवारक पुरान विषय निपटा लिअ।

❓ मकर राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न

मकर राशिक पाइ किएक नहि टिकैत अछि?

राहु मकर सँ द्वितीय अर्थात् धन-संचयक भाव मे छथि। राहु बढ़बैत छथि मुदा टिकबैत नहि — ओ आयक नव बाट खोलैत छथि आ खर्च सेहो ओतबे तेजी सँ बढ़बैत छथि। सम्हारबाक अनुशासन अपने आप नहि अबैत अछि, जानि-बूझि क' आनय पड़ैत अछि।

5 दिसंबर 2026 मकर राशिक लेल एतेक महत्वपूर्ण किएक अछि?

ओहि दिन राहु सोझे मकर जन्मराशि मे अबैत छथि आ केतु सप्तम भाव मे चलि जाइत छथि; ई धुरी मध्य 2028 धरि टिकत। जन्मराशिक राहु व्यक्तित्व, महत्वाकांक्षा आ जीवनक दिशे मे पैघ बदलाव अनैत अछि — संगहि अपना विषय मे अवास्तविक कल्पना आ बेचैनी सेहो।

मकर राशि केँ दिसंबर 2026 सँ पहिने की क' लेबाक चाही?

आर्थिक व्यवस्था बना लेबाक चाही आ परिवारक पुरान विषय निपटा लेबाक चाही। ओकर बाद राहु जन्मराशि मे आबि अगिला अठारह मास जीवनक पुनर्व्यवस्था शुरू क' देताह, आ तखन शांति सँ हिसाब लगायब कठिन भ' जाइत अछि।

📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि

  • 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
  • ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
  • अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
  • 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।

गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।