उच्चक गुरु मकर सँ सप्तम भाव मे छथि — विवाह, जीवनसाथी आ साझेदारीक घर। सप्तम भावक गुरु ज्योतिष मे विशेष शुभ मानल जाइत छथि, आ हुनक उच्च होएब मकर लेल दुर्लभ योग अछि।
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सप्तम भावक उच्च गुरु आ पुष्यक खिड़की
सप्तम भाव जीवनसाथी, विवाह, व्यावसायिक साझेदारी, अनुबंध आ प्रकट शत्रुक अछि। उच्चक गुरुक एहि केंद्र भाव मे आएब मकर राशि लेल बारह वर्षक सभ सँ पैघ वैवाहिक योग अछि। अविवाहित लेल नीक कथा आएब, लंबा खिंचल बातक पूरा होएब आ विवाहित लोकक संबंध मे नव समझदारी आएब एकर लक्षण अछि।
शनि मकरक स्वामी छथि आ गुरु-शनि केँ शत्रु नहि, तटस्थ मानल जाइत अछि; तेँ एहि गोचर मे आंतरिक खींचतान नहि अछि। नक्षत्रक दृष्टि सँ 18 जून सँ 19 अगस्त 2026 धरिक पुष्य वला दौर साझेदारी करबा, संयुक्त उपक्रम शुरू करबा वा पैघ अनुबंध करबा लेल सभ सँ अनुकूल अछि।
एकादश, प्रथम आ तृतीय — जन्मराशि पर पूर्ण दृष्टि
सप्तम भावक गुरुक दृष्टि मकर राशिक एकादश, प्रथम आ तृतीय भाव पर पड़ैत अछि।
एहि मे सभ सँ मूल्यवान जन्मराशि पर पड़ऽ वला सप्तम दृष्टि अछि। सप्तम घर सँ गुरु सोझे सामने, अर्थात् लग्न दिस देखैत छथि — ई गुरुक पूर्ण दृष्टि मानल जाइत अछि। स्वास्थ्य सुधरब, मुँह पर तेज आएब आ निर्णय सहज लागब एकर परिणाम अछि। एकादश भाव पर पंचम दृष्टि आय आ जान-पहिचान बढ़बैत अछि; तृतीय भाव पर नवम दृष्टि साहस आ नव कौशल केँ बल दैत अछि।
मकर लेल शनिक एकटा बात सेहो महत्वपूर्ण अछि — मीन मकर सँ तृतीय राशि अछि आ ओतऽ शनि छथि। तृतीय भावक शनि, शनिक बारहो स्थान मे सभ सँ अनुकूल मानल जाइत छथि, आ आब ओही घर पर उच्चक गुरुक नवम दृष्टि सेहो आबि गेल अछि। संगहि मकरक साढ़े साती जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ चुकल अछि, तेँ एखन शनिक दिस सँ कोनो पैघ दबाव नहि अछि।
मकरक मास आ कुशेश्वर स्थान
जून सँ अक्टूबर 2026 विवाह तय करबा, सगाइ, साझेदारीक अनुबंध आ संयुक्त निवेश लेल एहि गोचरक सर्वोत्तम दौर अछि। 31 अक्टूबर 2026 सँ 25 जनवरी 2027 धरि गुरु सिंह मे, अर्थात् मकरक अष्टम भाव मे — जन्मराशि पर दृष्टि हटबाक कारणेँ उत्साह उतरैत अछि आ बीमा, वारिसाना तथा जीवनसाथीक आर्थिक बात सोझाँ अबैत अछि; एहि तीन मास मे नव अनुबंध टारू आ चिकित्सा जाँच नहि टारू। 25 जनवरी 2027 सँ गुरु फेर सप्तम भाव मे, आ 13 अप्रैल 2027 क बाद मार्गी होएबाक कारणेँ अप्रैल-जून 2027 विवाह मुहूर्तक दृष्टि सँ सभ सँ अनुकूल अछि।
उपाय मे दरभंगा जिलाक कुशेश्वर स्थान एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — कमला-कोसीक जलक्षेत्र मे स्थित ओ प्राचीन शिवस्थान जतऽ साओन आ महाशिवरात्रि मे मिथिलाक पैघ मेला लगैत अछि आ जकरा मनोकामना पूर्ण करऽ वला धाम मानल गेल अछि।
व्रत मे कार्तिक शुक्ल द्वादशीक तुलसी विवाह एहि राशि लेल बताओल जाइत अछि — मिथिला मे देवोत्थानक संग विवाहक लगन एही समय सँ खुजैत मानल जाइत अछि। नवंबर 2026 क तुलसी विवाह गुरुक अष्टम भाव मे गेलाक बादक अछि, तेँ ओहि वर्ष लगन निकलबैत काल ज्योतिषी वा पंजीकारक सलाह लिअ। एकटा व्यावहारिक चेतावनी: ओही सप्तम घर मे ‘प्रकट शत्रु’ क विषय सेहो रहैत अछि, तेँ साझेदारीक अनुबंध मौखिक नहि राखू।
❓ मकर राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
मकर राशिक विवाह गुरु गोचर 2026-27 मे तय होएत?
उच्चक गुरु मकर सँ सप्तम अर्थात् विवाह भाव मे छथि — बारह वर्षक सभ सँ पैघ वैवाहिक योग। जून सँ अक्टूबर 2026 आ फेर फरवरी सँ जून 2027 — ई दू दौर विवाह तय करबा लेल सभ सँ अनुकूल अछि।
मकर राशि केँ साढ़े साती चलि रहल अछि?
नहि। मकर राशिक साढ़े साती जनवरी 2023 मे समाप्त भऽ चुकल अछि। शनि एखन मीन मे, अर्थात् मकर सँ तृतीय भाव मे छथि — शनिक बारहो स्थान मे सभ सँ अनुकूल मानल जाएबला स्थान।
मकर राशि केँ कोन मास मे नव अनुबंध टारबाक चाही?
31 अक्टूबर 2026 सँ 25 जनवरी 2027 धरि गुरु अष्टम भाव मे रहैत छथि आ 13 दिसंबर 2026 केँ वक्रियो भऽ जाइत छथि। ओहि तीन मास मे नव अनुबंध टारू आ चिकित्सा जाँच नहि टारू।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 2 जून 2026 — गुरु मिथुन सँ कर्क मे; 26 जून 2026 केँ 5 अंश पर परमोच्च बिंदु।
- 31 अक्टूबर 2026 — गुरु कर्क छोड़ि सिंह मे; 13 दिसंबर 2026 केँ 2°47' पर वक्री।
- 25 जनवरी 2027 — वक्री गुरु पुनः कर्क मे; 13 अप्रैल 2027 केँ 22°45' पर मार्गी।
- 26 जून 2027 — गुरु कर्क छोड़ि स्थायी रूप सँ सिंह मे; ई गोचर समाप्त।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।