गुरु कुंभ सँ षष्ठ भाव मे छथि। षष्ठ भाव शत्रु, करजा आ रोगक अछि — ओतुका गुरु बहुत शुभ नहि मानल जाइत छथि; मुदा हुनक नवम दृष्टि द्वितीय भाव पर पड़ैत अछि, जतऽ कुंभक उतरैत साढ़े साती चलि रहल अछि।
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षष्ठ भावक गुरु — शुभत्व मंद, मुदा काजक
षष्ठ भाव ज्योतिष मे दुःस्थान मानल जाइत अछि — शत्रु, करजा, रोग, प्रतिस्पर्धा आ सेवा। शुभ ग्रह एतऽ आबथि तँ हुनक शुभत्व किछु मंद पड़ि जाइत अछि; तेँ उच्चक गुरुओ कुंभ केँ सोझे भरि-भरि कऽ नहि दैत छथि। शनि कुंभक स्वामी छथि आ गुरु-शनि तटस्थ छथि, तेँ विरोध नहि मुदा उत्साहो नहि।
एहि गोचरक असली फल भिन्न स्वरूपक अछि। षष्ठ घरक गुरु शत्रु केँ मित्र बनबैत छथि, पुरान करजा चुकबबैत छथि आ जीर्ण रोग केँ काबू मे अनैत छथि। स्वास्थ्य सेवा, विधि, लेखा-परीक्षा, सुरक्षा आ सेवा क्षेत्र मे काज करऽ वला कुंभ जातक लेल ई वर्ष नीक जाइत अछि। प्रतियोगी परीक्षा देनिहार लेल सेहो ई गोचर अनुकूल अछि — षष्ठ भाव प्रतिस्पर्धेक घर अछि।
उतरैत साढ़े साती पर गुरुक नवम दृष्टि
षष्ठ भावक गुरुक दृष्टि कुंभ राशिक दशम, द्वादश आ द्वितीय भाव पर पड़ैत अछि।
द्वितीय भाव पर पड़ऽ वला नवम दृष्टि कुंभ लेल एहि गोचरक सभ सँ मूल्यवान बात अछि। मीन कुंभ सँ द्वितीय राशि अछि आ ओतऽ शनि छथि — अर्थात् कुंभ राशिक साढ़े सातीक तेसर, उतरैत चरण मार्च 2025 सँ चलि रहल अछि। साढ़े सातीक अर्थ अछि चंद्र राशि सँ द्वादश, प्रथम आ द्वितीय भाव मे शनि; कुंभ आब ओकर अंतिम सीढ़ी पर अछि आ ई जून 2027 मे समाप्त होएत।
2 जून 2026 सँ ओही द्वितीय घर पर उच्चक गुरुक नवम दृष्टि आबि गेल अछि। उतरैत साढ़े साती मे मुख्यतः परिवार, संचय आ वाणीक प्रश्न अबैत अछि; ओकरा गुरुक दृष्टि सँ सहारा भेटैत अछि। दशम भाव पर पंचम दृष्टि काज केँ आ द्वादश भाव पर सप्तम दृष्टि विदेश-प्रशिक्षण केँ मदति करैत अछि।
कुंभक चरण आ दरभंगाक श्यामा माइ
जून सँ अक्टूबर 2026 करजा चुकेबा, कचहरीक मोकदमा आ पुरान बीमारी सम्हारबा लेल सभ सँ नीक दौर अछि। 31 अक्टूबर 2026 सँ 25 जनवरी 2027 धरि गुरु सिंह मे, अर्थात् कुंभक सप्तम भाव मे — विवाह, साझेदारी आ अनुबंध लेल ई तीन मास नीक अछि, मुदा द्वितीय भावक दृष्टि हटबाक कारणेँ साढ़े सातीक बोझ फेर अनुभव होइत अछि। 25 जनवरी 2027 सँ गुरु फेर षष्ठ भाव मे आ साढ़े साती पर राहत सेहो घुरैत अछि। शनि स्वयं 27 जुलाई सँ 11 दिसंबर 2026 धरि वक्री रहैत छथि — परिवार आ पाइक पुरान विषय ओही साढ़े चारि मास मे फेर उखड़ैत अछि, मुदा ओकर निपटारो तखने होइत अछि।
उपाय मे दरभंगाक श्यामा माइ मंदिर एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — महाराज रामेश्वर सिंहक चिता पर बनल माँ कालीक ओ सिद्ध स्थान जे शत्रु-बाधा आ मोकदमाक निवारण लेल मिथिला मे सभ सँ बेसी जानल जाइत अछि; षष्ठ भावक गोचर सँ ई संदर्भ ठीक बैसैत अछि।
व्रत मे माघक मौनी अमावस्या एहि राशि लेल बताओल जाइत अछि — मिथिला मे गंगा, कमला आ कोसीक घाट पर मौन स्नानक प्रमुख दिन। शनिए कुंभक स्वामी छथि, तेँ एहि राशि केँ शनि सँ बैर नहि राखबाक चाही; शनि दिन श्रमिक, सफाइकर्मी आ बूढ़-पुरानक संग सम्मान सँ व्यवहार करब सभ सँ उपयुक्त उपाय अछि।
❓ कुंभ राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
कुंभ राशिक साढ़े साती कहिया समाप्त होएत?
कुंभ राशिक साढ़े साती एखन तेसर अर्थात् उतरैत चरण मे अछि — शनि मीन मे, कुंभ सँ द्वितीय भाव मे। शनि 3 जून 2027 केँ मेष मे जेताह आ तखने कुंभक साढ़े साती समाप्त होएत।
षष्ठ भावक गुरु कुंभ राशि केँ की दैत छथि?
षष्ठ दुःस्थान होएबाक कारणेँ गुरुक शुभत्व मंद पड़ैत अछि, मुदा ओ शत्रु केँ मित्र बनबैत छथि, पुरान करजा चुकबबैत छथि आ जीर्ण रोग केँ काबू मे अनैत छथि। प्रतियोगी परीक्षा देनिहार तथा स्वास्थ्य सेवा, विधि आ लेखा-परीक्षा सँ जुड़ल लोक लेल ई वर्ष नीक अछि।
गुरुक दृष्टि कुंभक साढ़े साती पर पड़ैत अछि?
हँ। षष्ठ भावक गुरुक नवम दृष्टि कुंभक द्वितीय भाव पर पड़ैत अछि, जतऽ शनि छथि। एहि सँ उतरैत साढ़े सातीक परिवार, संचय आ वाणी सँ जुड़ल प्रश्न हल्लुक पड़ैत अछि — मुदा 31 अक्टूबर 2026 सँ 25 जनवरी 2027 धरि ओ दृष्टि हटि जाइत अछि।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 2 जून 2026 — गुरु मिथुन सँ कर्क मे; 26 जून 2026 केँ 5 अंश पर परमोच्च बिंदु।
- 31 अक्टूबर 2026 — गुरु कर्क छोड़ि सिंह मे; 13 दिसंबर 2026 केँ 2°47' पर वक्री।
- 25 जनवरी 2027 — वक्री गुरु पुनः कर्क मे; 13 अप्रैल 2027 केँ 22°45' पर मार्गी।
- 26 जून 2027 — गुरु कर्क छोड़ि स्थायी रूप सँ सिंह मे; ई गोचर समाप्त।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।