राहु वृश्चिक सँ चतुर्थ भाव मे आ केतु दशम भाव मे छथि। घर आ कामकाज — एहि दुनू ध्रुवक बीच संतुलन साधबाक समय; दुनू दिस सँ एक संग खिंचाव अनुभव होइत अछि।
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चतुर्थ भावक राहु — घरक बेचैनी
चतुर्थ भाव रहबाक मकान, जमीन, वाहन, माता आ मनक स्वस्थताक भाव अछि। राहु एतय आबथि तँ ई चारू विषय डोलैत अछि। मई 2025 सँ वृश्चिक जातक घर बदलने होयताह, मरम्मत करौने होयताह वा कम सँ कम घर बदलबाक विचार तँ कयनहि होयताह। माताक स्वास्थ्य पर सेहो एहि अवधि मे ध्यान देबय पड़ैत अछि।
एहि घर मे राहुक सभसँ सूक्ष्म लक्षण अछि मनक बेचैनी — घर मे रहितो घर मे नहि रहबा सन लागब। मंगल वृश्चिकक स्वामी छथि आ राहु-मंगलक जोड़ी आक्रामक, तेँ घरक छोट मतभेद एहि अवधि मे पैघ होयबाक संभावना बेसी। मौन आ कनेक समय — ओतय इएह दू उपाय काज करैत अछि। दशम भावक केतु काजक स्थान मे उदासीनता अनैत अछि; ओकर एकटा नीक फल ई जे स्वतंत्र काज, परामर्श वा सेवाकार्य मे उतरबाक इच्छा बलवती होइत अछि।
वृश्चिकक लेल ग्रहणक तालिका
वृश्चिक राशिक लेल एहि गोचरक चारि ग्रहण चतुर्थ, दशम, नवम आ फेर चतुर्थ भाव मे पड़ल — अर्थात् घर आ कामकाज दुनू ध्रुव पर।
चतुर्थ भाव मे दू ग्रहणक पड़ब एहि राशिक लेल सभसँ महत्वपूर्ण अछि, किएक तँ ओतहि राहु बैसल छथि। घर बदलब, मरम्मत, जमीनक सौदा वा माताक स्वास्थ्यक विषय फरवरी आ अगस्त 2026 दुनू चरण मे निर्णायक बनल होयत। चतुर्थ भाव मनक स्वस्थताक सेहो अछि — ओहि मासक बेचैनी एही जुड़ावक छल।
3 मार्च 2026 क चंद्रग्रहण दशम कर्म भाव मे, केतुक स्थान पर पड़ल; काज मे रुचि घटबाक वा नोकरी बदलबाक विचार तखन प्रबल भेल होयत। 12 अगस्तक नवम भाग्य भाव वला सूर्यग्रहण यात्रा आ पिता सँ जुड़ल छल। अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल।
5 दिसंबर 2026 — वृश्चिकक लेल छुटकारा, कुशेश्वर स्थान
5 दिसंबर 2026 केँ राहु मकर मे आ केतु कर्क मे जाइत छथि। वृश्चिकक लेल राहु चतुर्थ भाव सँ तृतीय भाव मे आ केतु दशम सँ नवम भाव मे सरकैत छथि।
ई बदलाव एहि राशिक लेल स्पष्ट रूप सँ अनुकूल अछि। तृतीय भावक राहु हुनकर सभसँ नीक स्थान मे सँ एक अछि — साहस, अपन प्रयास, नव कौशल आ लेखन-मीडिया क्षेत्र मे ओ असाधारण सफलता दैत अछि। घरक बेचैनी घटैत अछि आ काजक स्थानक उदासीनता सेहो समाप्त होइत अछि।
नवम भावक केतु मुदा परंपरागत आस्था आ पिताक राय सँ दूरी अनैत अछि; संगहि ओ तीर्थयात्रा आ आत्मखोजक अनुकूल सेहो अछि। ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 क गुरु-केतु योग वृश्चिकक दशम भाव मे बनैत अछि — अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच नोकरी वा व्यवसाय पर पैघ निर्णय सोझाँ आबि सकैत अछि। उपाय मे दरभंगा जिलाक कुशेश्वर स्थान — कमला-कोसीक जलक्षेत्र मे स्थित ओ प्राचीन शिवधाम जतय श्रावण आ शिवरात्रि मे विशेष पूजा होइत अछि आ जकरा मिथिला मे दोष-शांतिक प्रमुख स्थान मानल जाइत अछि — तथा व्रत मे श्रावणक नाग पंचमी एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि।
❓ वृश्चिक राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
वृश्चिक राशिक घर मे बेचैनी किएक अछि?
राहु मई 2025 सँ वृश्चिकक चतुर्थ अर्थात् सुख भाव मे छथि। ओतुका राहु मकान, जमीन, वाहन आ माता चारू विषय डोलबैत अछि, आ ओकर सभसँ सूक्ष्म लक्षण अछि घर मे रहितो घर मे नहि रहबा सन लागब।
वृश्चिक राशि केँ काज मे रुचि किएक नहि लगैत अछि?
केतु वृश्चिक सँ दशम कर्म भाव मे छथि आ ओतुका केतु उदासीनता अनैत अछि। पदक खिंचाव घटैत अछि आ काज मे संतोषक प्रश्न आगाँ अबैत अछि। एकर नीक फल ई जे स्वतंत्र काज, परामर्श वा सेवाकार्यक इच्छा बलवती होइत अछि।
5 दिसंबर 2026 क बाद वृश्चिक राशि केँ राहत भेटत?
हँ। राहु तृतीय भाव मे जयताह — राहुक सभसँ नीक स्थान मे सँ एक; साहस, नव कौशल आ लेखन-मीडिया क्षेत्र मे ओ असाधारण सफलता दैत अछि। घरक बेचैनी घटैत अछि आ काजक स्थानक उदासीनता सेहो समाप्त होइत अछि।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
- ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
- अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
- 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।