☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
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♏ वृश्चिक राशि — शनि गोचर 2025-2027

Vrishchik Rashi · शनि गोचर 2025-2027 · Maithili Jyotish

★★★☆☆

शनि वृश्चिक सँ पंचम भाव मे छथि — संतान, विद्या, बुद्धि आ निवेशक घर। पंचम भावक शनि देरी करबैत छथि, मुदा जे भेटैत अछि से कमायल होइत अछि। वृश्चिकक साढ़े साती नवंबर 2011 मे समाप्त भऽ चुकल अछि।

पंचम भावक शनि — परिणाम देरी सँ, मुदा पक्का

पंचम भावक अर्थ अछि संतान, शिक्षा, बुद्धि, पूर्व पुण्य आ निवेश। शनि विलंबक कारक छथि, तेँ एहि घर मे हुनक ठहराव संतानक मामिला मे आ पढ़ाइक परिणाम मे देरी करबैत अछि। मंगल वृश्चिकक स्वामी छथि आ मंगल-शनि शत्रु, तेँ एहि राशि केँ ई चरण अधीरताक कारणेँ बेसी भारी लगैत अछि।

मुदा पंचम शनिक दोसर स्वरूप ध्यान देबऽ योग्य अछि। ओ पढ़ाइ केँ अनुशासन दैत छथि आ ऊपरी सफलता नहि दैत छथि — तेँ एहि अवधि मे भेटल शिक्षा, अर्जित कौशल आ ठाढ़ कयल निवेश आगाँ दस वर्ष टिकैत अछि। शोध, तकनीकी पाठ्यक्रम आ दीर्घकालिक योजना लेल ई गोचर विशेष अनुकूल अछि। सट्टा, जुआ आ तुरंत लाभक योजना पूर्ण रूप सँ टारू।

सप्तम, एकादश आ द्वितीय भाव पर दृष्टि

पंचम भावक शनिक तृतीय, सप्तम आ दशम दृष्टि वृश्चिक राशिक सप्तम, एकादश आ द्वितीय भाव पर पड़ैत अछि।

एकादश भाव पर सप्तम दृष्टि लाभ भाव पर अछि आ अनुकूल मानल जाइत अछि — आय क्रमशः बढ़ैत अछि। सप्तम भाव पर तृतीय दृष्टि सौम्य अछि आ जीवनसाथी तथा साझेदारीक संबंध मे परिपक्वता अनैत अछि।

मुदा द्वितीय भाव पर दशम दृष्टि ध्यान सँ पढ़बा योग्य अछि — ओ परिवार, संचय आ वाणीक घर पर अछि। एहि अवधि मे बाजबाक कारणेँ होबऽ वला नोकसान टारब आ खर्चक हिसाब राखब वृश्चिक लेल महत्वपूर्ण भऽ जाइत अछि। एकटा स्पष्टीकरण: वृश्चिकक साढ़े साती अक्टूबर 2004 सँ नवंबर 2011 धरि आ चतुर्थ भावक कंटक शनि जनवरी 2023 सँ मार्च 2025 धरि बीति चुकल अछि। मार्च 2025 सँ एहि राशि पर शनिक कोनो पैघ दबाव नहि अछि; अगिला अष्टम शनि 2032 क बाद आओत।

वक्री शनि, कुशेश्वर स्थान आ गंगा दशहरा

27 जुलाई सँ 11 दिसंबर 2026 धरि शनि वक्री रहैत छथि आ 9 अक्टूबर 2026 केँ उत्तरा भाद्रपद मे पाछाँ हटैत छथि। पंचम भावक वक्री शनिक अर्थ — छोड़ल पाठ्यक्रम फेर शुरू करबाक अवसर आयब, रोकल शोध कार्य फेर हाथ आयब वा धिया-पुताक पढ़ाइ सँ जुड़ल पुरान निर्णय फेर जाँचऽ पड़ब।

ओही अवधि मे पुरान निवेश — विशेष रूप सँ पहिने घाटा मे गेल — फेर विचार मे अबैत अछि। वक्री शनि तखन सावधानीक सलाह दैत छथि: वैह पाइ फेर लगयबाक बदला पहिलुका हिसाब पूरा करू। 3 जून 2027 केँ शनि षष्ठ भाव मे जयताह आ ओतुका शनि एहि राशि लेल शत्रु तथा कर्ज पर विजय देनिहार सिद्ध होयताह।

उपाय मे दरभंगा जिलाक कुशेश्वर स्थान एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — कमला-कोसीक जलक्षेत्र मे स्थित बाबा कुशेश्वरनाथक प्राचीन शिवमंदिर, जतय साओन आ महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ होइत अछि। व्रत मे जेठ शुक्ल दशमीक गंगा दशहरा — गंगा अवतरणक दिन, जाहि दिन मिथिला मे सिमरिया सहित गंगाक घाट पर स्नान आ दान होइत अछि। पंचम शनिक सभसँ उपयुक्त उपाय दान थिक आ ओ शिक्षा सँ जुड़ल हो — जरूरतमंद विद्यार्थी केँ कॉपी, किताब वा शुल्कक मदति।

❓ वृश्चिक राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न

की वृश्चिक राशि केँ साढ़े साती वा ढैया अछि?

नहि। वृश्चिकक साढ़े साती अक्टूबर 2004 सँ नवंबर 2011 धरि आ चतुर्थ भावक कंटक शनि जनवरी 2023 सँ मार्च 2025 धरि बीति चुकल अछि। मार्च 2025 सँ एहि राशि पर शनिक कोनो पैघ दबाव नहि अछि; अगिला अष्टम शनि 2032 क बाद आओत।

पंचम भावक शनि वृश्चिकक संतान आ पढ़ाइ पर की असर दैत छथि?

शनि विलंबक कारक छथि, तेँ संतानक मामिला मे आ पढ़ाइक परिणाम मे देरी होइत अछि। मुदा ओ ऊपरी सफलता नहि दैत छथि — एहि अवधि मे भेटल शिक्षा आ ठाढ़ कयल निवेश आगाँ दस वर्ष टिकैत अछि। सट्टा आ तुरंत लाभक योजना पूर्ण रूप सँ टारू।

वृश्चिक राशि लेल शनिक अगिला चरण कोन अछि?

3 जून 2027 केँ शनि मेष मे जा कऽ वृश्चिकक षष्ठ भाव मे औताह। षष्ठ भावक शनि शत्रु, कर्ज आ प्रतिस्पर्धा पर विजय देनिहार मानल जाइत छथि, तेँ ओ चरण एहि राशि लेल अनुकूल रहत।

📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि

  • 29 मार्च 2025 — शनि कुंभ सँ मीन मे; 17 मई 2026 केँ रेवती नक्षत्र मे।
  • 27 जुलाई 2026 — शनि मीनक 20°31' पर वक्री।
  • 9 अक्टूबर 2026 — वक्री शनि रेवती सँ पुनः उत्तरा भाद्रपद मे; 11 दिसंबर 2026 केँ 13°41' पर मार्गी।
  • 3 जून 2027 — शनि मीन छोड़ि मेष मे; ई गोचर समाप्त।

गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।