☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
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♌ सिंह राशि — शनि गोचर 2025-2027

Singh Rashi · शनि गोचर 2025-2027 · Maithili Jyotish

★★☆☆☆

शनि सिंह सँ अष्टम भाव मे छथि — अर्थात् अष्टम शनि, जे ढैयाक एक प्रकार थिक। ई साढ़े साती नहि थिक; ढैयाक अर्थ अछि चंद्र राशि सँ चतुर्थ वा अष्टम भाव मे शनि। सिंहक ई समय मार्च 2025 सँ जून 2027 धरिक अछि।

अष्टम शनि की थिक आ ओ साढ़े साती किएक नहि

अष्टम भाव आयु, अचानक बदलाव, उत्तराधिकार, बीमा, शल्यक्रिया आ गूढ़ विषयक थिक। शनि एतय अबैत छथि तँ जीवन उनटि-पुनटि नहि जाइत अछि, मुदा अप्रत्याशित मोड़ अबैत अछि। ज्योतिष मे अष्टम शनि केँ साढ़े सातीए जकाँ गंभीरता सँ लेल जाइत अछि, तैयो दुनू एक नहि थिक — साढ़े साती तखन कहबैत अछि जखन शनि द्वादश, प्रथम वा द्वितीय भाव मे होथि, आ ढैया तखन जखन ओ चतुर्थ वा अष्टम भाव मे होथि। सिंहक असली साढ़े साती शनिक कर्क मे गेलापर, लगभग 2035 क बाद शुरू होयत।

सूर्य सिंहक स्वामी छथि आ सूर्य-शनि परंपरा सँ शत्रु — पिता-पुत्रक नाता रहितो। तेँ एहि चरण मे सिंह जातक केँ अधिकार, मान आ स्वाभिमान एहि तीन ठाम सभसँ बेसी ठेस लगैत छनि। कार्यालयक राजनीति सँ दूर रहब आ सभ लेन-देन लिखित राखब एहि अवधि मे अनिवार्य अछि।

दशम, द्वितीय आ पंचम भाव पर शनिक दृष्टि

अष्टम भावक शनिक तृतीय, सप्तम आ दशम दृष्टि सिंह राशिक दशम, द्वितीय आ पंचम भाव पर पड़ैत अछि।

दशम भाव पर तृतीय दृष्टि सौम्य आ उपयोगी अछि — काज मे निरंतरता रखनिहार केँ ओ फल दैत अछि। द्वितीय भाव पर सप्तम दृष्टि परिवार आ संचय पर अनुशासन लदैत अछि; द्वितीय भाव वाणीक सेहो थिक, तेँ एहि अवधि मे शब्द सम्हारि कऽ बाजू।

पंचम भाव पर दशम दृष्टि सभसँ ध्यान देबऽ योग्य अछि। ओ संतान, शिक्षा आ निवेशक घर पर पड़ैत अछि — धिया-पुताक पढ़ाइ मे देरी, परिणामक विलंब आ सट्टा-जुआ मे नोकसान एकर लक्षण थिक। सिंह राशि केँ एहि अवधि मे मात्र सुरक्षित निवेश चुनबाक चाही। अष्टम भावक शनि आ पंचम घर पर हुनक दृष्टि — दुनू एके बात कहैत अछि: जोखिम टारू।

वक्री शनि, कपिलेश्वर स्थान आ शनि दिनक व्रत

27 जुलाई 2026 केँ शनि 20°31' पर वक्री होइत छथि आ 11 दिसंबर केँ 13°41' पर मार्गी। अष्टम भावक वक्री शनि सिंह लेल एहि अढ़ाइ वर्षक सभसँ उल्लेखनीय समय अछि — पाछाँ बंद भेल सन लगैत विषय फेर खुजैत अछि: बीमाक पुरान दावा, उत्तराधिकारक अटकल कागज वा बंद कयल गेल चिकित्सा जाँच।

एकटा राहत दर्ज करबाक चाही — 2 जून 2026 सँ कर्क मे आयल उच्च गुरुक नवम दृष्टि ठीक सिंहक अष्टम भाव पर, अर्थात् शनिए पर पड़ैत अछि। जून सँ अक्टूबर 2026 आ फेर फरवरी सँ जून 2027 अष्टम शनिक बोझ हल्लुक रहैत अछि। मुदा नवंबर 2026 सँ जनवरी 2027 मे गुरुक सिंह मे चलि गेलाक कारणेँ ओ दृष्टि हटि जाइत अछि — वाहन, स्वास्थ्य आ कागजात तीनू मे तखन सभसँ बेसी सावधानी।

उपाय मे मधुबनी जिलाक कपिलेश्वर स्थान एहि राशि लेल कहल जाइत अछि — कपिल मुनि सँ जुड़ल मिथिलाक प्राचीन शिवस्थान, जतय साओनक सोमवारी आ महाशिवरात्रि पर दूर-दूर सँ श्रद्धालु जल चढ़बऽ अबैत छथि। व्रत मे शनि दिनक व्रत; तिलक तेलक दीप आ उड़िदक दान। सूर्यबल लेल रवि दिन अर्घ्य। मुदा सभसँ पैघ उपाय विनम्रता अछि — अष्टम शनि अहंकार पर हाथ रखैत छथि, आ जे झुकि जाइत अछि तकरा ओ तोड़ैत नहि छथि।

❓ सिंह राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न

सिंह राशि केँ साढ़े साती अछि वा ढैया?

ढैया। शनि मीन मे रहबाक कारणेँ सिंह सँ अष्टम भाव मे छथि — अर्थात् अष्टम शनि, जे ढैयाक एक प्रकार थिक। ढैयाक अर्थ अछि चंद्र राशि सँ चतुर्थ वा अष्टम भाव मे शनि; साढ़े सातीक अर्थ अछि द्वादश, प्रथम वा द्वितीय भाव मे शनि। सिंहक असली साढ़े साती 2035 क बाद शुरू होयत।

सिंह राशिक अष्टम शनि कहिया समाप्त होयत?

3 जून 2027 केँ शनि मीन सँ मेष मे जयताह आ तखन सिंहक अष्टम शनि समाप्त होयत। मुदा शनि अक्टूबर 2027 मे वक्री भऽ कऽ फेर मीन मे अबैत छथि आ फरवरी 2028 मे मेष मे स्थिर होइत छथि, तेँ अंतिम चरण क्रमशः समाप्त होइत अछि।

सिंह राशि लेल कोन तीन मास सभसँ सावधानीक अछि?

नवंबर 2026 सँ जनवरी 2027। जून 2026 सँ उच्च गुरुक दृष्टि सिंहक अष्टम भाव पर छल, मुदा 31 अक्टूबर 2026 केँ गुरुक सिंह मे आबि गेलापर ओ हटि जाइत अछि। वाहन, स्वास्थ्य जाँच आ कागजात मे तखन विशेष सावधानी राखू।

📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि

  • 29 मार्च 2025 — शनि कुंभ सँ मीन मे; 17 मई 2026 केँ रेवती नक्षत्र मे।
  • 27 जुलाई 2026 — शनि मीनक 20°31' पर वक्री।
  • 9 अक्टूबर 2026 — वक्री शनि रेवती सँ पुनः उत्तरा भाद्रपद मे; 11 दिसंबर 2026 केँ 13°41' पर मार्गी।
  • 3 जून 2027 — शनि मीन छोड़ि मेष मे; ई गोचर समाप्त।

गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।