📐 ई योग कोना बनैत अछि?
शश योग पंच महापुरुष योग मे शनि सँ बनैत अछि। एहि लेल शनिक लग्न सँ केंद्र मे रहब आ मकर अथवा कुंभ — अपन स्वराशि — मे, वा तुला — अपन उच्च राशि — मे स्थित रहब आवश्यक अछि।
तुला राशिक दशम भाव मे स्थित शनि एहि योगक सर्वोत्तम रूप मानल गेल अछि, किएक तँ ओतय शनि उच्चक सेहो छथि आ अपन कारकत्वक भाव मे सेहो। एहन जातक जन-नेतृत्व आ दीर्घकालिक अधिकार प्राप्त करैत छथि।
जँ शनि मेष राशि मे नीच होथि, अस्त होथि अथवा मंगल-राहु सँ अत्यधिक पीड़ित होथि तँ योग दुर्बल भऽ जाइत अछि। शश योगक फल आन महापुरुष योगक अपेक्षा देरी सँ भेटैत अछि — प्रायः 36 वर्षक उमेरक बाद।
✨ फल
व्यक्तित्व
शश योगवला जातक गंभीर, संयमी आ अत्यंत परिश्रमी होइत छथि। भावना मुँह पर नहि अबैत छनि, तेँ बाहर सँ कठोर बुझाइत छथि, मुदा उत्तरदायित्व निमाहबा मे हिनक कोनो जोड़ा नहि।
कार्यक्षेत्र
प्रशासन, न्यायपालिका, राजनीति, श्रम-प्रबंधन, खनन, लोहा आ भारी उद्योग, अचल संपत्ति, ठेकेदारी, कृषि तथा सामाजिक-राजनीतिक संगठन — एहि क्षेत्र सभ मे ई योग स्थायी अधिकार दैत अछि।
जीवन-गति
प्रारंभिक जीवन कठिन रहैत अछि आ सफलता विलंब सँ भेटैत अछि, मुदा जे भेटैत अछि से टिकाऊ होइत अछि। शनिक महादशा वा अंतर्दशा मे पद, भूमि आ जन-समर्थन तीनूक प्राप्ति होइत अछि।
सावधानी
अत्यधिक कठोरता आ भावना केँ दबयबाक आदति पारिवारिक जीवन केँ शुष्क बना सकैत अछि। जोड़, ठेहुन आ हड्डी संबंधी शिकायत पर सेहो विशेष ध्यान आवश्यक अछि।
उपाय
शनि दिन हनुमान जीक उपासना, पीपर मे जल आ दीपदान, तिल-तेल तथा कारी वस्त्रक दान, कर्मचारी आ वृद्ध लोकक प्रति उदार व्यवहार — ई सभ शनि केँ अनुकूल बनौने रखैत अछि।
🔮 की अहाँक कुंडली मे ई योग अछि?
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