☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
राज योग

🪔 गजकेसरी योग

Gajakesari Yoga

📐 ई योग कोना बनैत अछि?

कुंडली मे चंद्रमा सँ 1, 4, 7 वा 10म भाव — अर्थात् कोनो केंद्र — मे बृहस्पति स्थित होथि तँ गजकेसरी योग बनैत अछि। किछु परंपरा एकरा लग्न सँ सेहो गनैत अछि; जखन दुनू प्रकारेँ योग बनय तँ ओ सभसँ बलवान मानल जाइत अछि।

एहि योगक पूरा फल बृहस्पतिक बल पर निर्भर करैत अछि। गुरु स्वराशि धनु वा मीन मे होथि, अथवा उच्च राशि कर्क मे होथि, तखन फल पूर्ण भेटैत अछि। चंद्रमा सेहो पूर्णिमाक निकटक होथि तँ योग आर प्रबल भ' जाइत अछि।

दोसर दिस, बृहस्पति नीच राशि मकर मे होथि, सूर्यक अत्यधिक निकट भ' क' अस्त भ' जाथि, अथवा शत्रु क्षेत्र मे पड़ि जाथि तँ योगफल बहुत घटि जाइत अछि। क्षीण चंद्रमा सेहो एकरा दुर्बल करैत अछि। तेँ मात्र "गजकेसरी योग अछि" कहि देब पर्याप्त नहि — ग्रह-बलक जाँच अनिवार्य अछि।

✨ फल

सामान्य फल

गजकेसरी योगवला जातक केँ समाज मे मान आ प्रतिष्ठा प्राप्त होइत छनि। नामक अर्थे एकर संकेत अछि — हाथीक गांभीर्य आ सिंहक तेज, दुनूक संगम। हिनक निर्णय मे स्पष्टता आ वाणी मे वजन रहैत अछि।

शिक्षा आ कार्यक्षेत्र

ई योग उच्च शिक्षा आ शोध लेल अत्यंत अनुकूल अछि। अध्यापन, विधि, वित्तीय परामर्श, प्रशासन, धार्मिक प्रवचन आ प्रकाशनक क्षेत्र मे ई लोकनि विशेष रूप सँ चमकैत छथि। अपनहि परिश्रम सँ ऊपर उठयवला ई लोकनि मध्य आयु धरि एकटा स्थिर आ सम्मानजनक पद पाबि लैत छथि।

धन आ परिवार

ई योग शीघ्र कमाइ नहि, स्थिर धन-वृद्धि दैत अछि। भूमि, भवन आ स्वर्णक माध्यम सँ संपत्ति बढ़ैत अछि। परिवार मे हिनक बातक मोल होइत अछि आ विवादक समय निर्णय हिनके पर छोड़ल जाइत अछि।

ध्यान राखय योग्य बात

योगक पूरा फल प्रायः बृहस्पतिक महादशा वा अंतर्दशा मे अनुभव होइत अछि; ओहि सँ पहिने फल धीरे-धीरे प्रकट होइत अछि। आवश्यकता सँ बेसी आत्मविश्वास आ उपदेश देबाक प्रवृत्ति कखनो-कखनो निकट संबंध मे दूरी बना दैत अछि।

योग केँ बलवान बनयबाक उपाय

बृहस्पतिवारक व्रत, विष्णु-सहस्रनामक पाठ, पियर वस्त्र आ पियर फूलक प्रयोग, गुरुजनक आदर तथा विद्या-दान एहि योग केँ आर प्रबल करैत अछि।

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