☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
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♒ कुंभ राशि — राहु-केतु गोचर 2026-2028

Kumbh Rashi · राहु-केतु गोचर 2026-2028 · Maithili Jyotish

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राहु कुंभ राशिए मे — अर्थात् जन्मराशि मे — छथि आ केतु सप्तम भाव मे। जन्मराशिक राहु व्यक्तित्व, महत्वाकांक्षा आ जीवनक दिशा तीनूक पुनर्व्यवस्था करैत अछि।

जन्मराशिक राहु — नव पहिचान गढ़य बला डेढ़ वर्ष

राहुक जन्मराशि मे रहब बारह वर्ष मे एक बेर आबय बला चरण थिक। 18 मई 2025 सँ कुंभ जातकक जीवन मे किछु मौलिक बदलल होयत — नौकरी, शहर, रूप-रंग, सोचबाक ढंग वा अपना विषय मे बनल धारणे।

शनि कुंभक स्वामी छथि आ वैह राहुक दिशा-निर्धारक सेहो। शनि एखन मीन मे, अर्थात् कुंभ सँ द्वितीय भाव मे छथि — जतय एहि राशिक उतरैत साढ़े साती चलि रहल अछि। जन्मराशिक राहु आ द्वितीय भावक शनि, ई जोड़ी कुंभ केँ महत्वाकांक्षा आ आर्थिक अनुशासनक बीच खिंचैत अछि। ईमानदारी सँ दर्ज करबा योग्य बात ई जे जन्मराशिक राहु आत्मविश्वास बढ़बैत अछि, मुदा संग मे बेचैनी सेहो — निन्न कम होयब, मन एक ठाम नहि लागब आ अपना सँ अवास्तविक अपेक्षा एहि स्थानक नियमित परिणाम थिक। सप्तम भावक केतु जीवनसाथीक मामिला मे दूरी अनैत अछि।

कुंभ पर पड़ल तीन ग्रहण

बारहो राशि मे सभ सँ बेसी ग्रहण कुंभ राशिक हिस्सा मे आयल — एहि धुरीक अवधि मे तीन ग्रहण सोझे जन्मराशि मे पड़ल आ शेष सप्तम तथा षष्ठ भाव मे।

7 सितंबर 2025 क पूर्ण चंद्रग्रहण कुंभ मे पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र मे पड़ल आ ओ भारत सँ पूर्ण रूपेँ देखायल — एहि समूचा गोचर मे भारत मे देखाइ पड़य बला एकमात्र पैघ ग्रहण। 17 फरवरी 2026 क वलयाकार सूर्यग्रहण धनिष्ठा मे आ 28 अगस्त 2026 क आंशिक चंद्रग्रहण शतभिषा मे, दुनू फेर कुंभे मे।

जन्मराशि मे राहु आ ओही घर पर तीन ग्रहण — ई जुड़ाव कुंभ जातकक जीवन मे डेढ़ वर्ष मे भेल पैघ पुनर्व्यवस्थाक सटीक ज्योतिषीय कारण थिक। 3 मार्च 2026 क सप्तम भाव बला चंद्रग्रहण संबंधक आ 12 अगस्तक षष्ठ भाव बला सूर्यग्रहण स्वास्थ्य-प्रतिस्पर्धाक विषय आगाँ अनैत अछि। अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण ओना भारत सँ नहि देखायल छल।

5 दिसंबर 2026 — कुंभक लेल छुटकारा, उग्रतारा

5 दिसंबर 2026 केँ राहु कुंभ सँ मकर मे आ केतु सिंह सँ कर्क मे जाइत छथि। कुंभक लेल राहु जन्मराशि सँ द्वादश भाव मे आ केतु सप्तम सँ षष्ठ भाव मे सरकैत छथि।

जन्मराशि पर सँ राहुक भार उतरब एहि राशिक लेल पैघ राहत थिक — बेचैनी घटैत अछि आ संबंधक उत्साह घुरैत अछि। द्वादश भावक राहु ओना खर्च, यात्रा आ परदेसक मामिला मे हलचल अनैत अछि; षष्ठ भावक केतु शत्रु आ कर्जक मामिला मे अनुकूल मानल जाइत अछि।

ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 क गुरु-केतु योग कुंभक सप्तम भाव मे, अर्थात् जीवनसाथीक स्थान पर बनैत अछि — अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच संबंध वा साझेदारीक कोनो विषय निर्णायक मोड़ ल' सकैत अछि। ओही अवधि मे 11 दिसंबर 2026 केँ शनि सेहो मार्गी होइत छथि, तेँ कुंभक लेल दिसंबर 2026 मोड़क मास थिक। उपाय मे सहरसा जिलाक महिषी गामक उग्रतारा स्थान — मंडन मिश्रक गाम लग स्थित ओ सिद्धपीठ जतय तारा भगवतीक दर्शन तंत्र-साधनाक प्रमुख केंद्र मानल जाइत अछि — आ व्रत मे अगहनक कालभैरव अष्टमी एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि। जन्मराशिक राहुक दौर मे लेल पैघ निर्णय बाद मे बदलय पड़ैत अछि; दिसंबर 2026 धरि ओकरा जतेक संभव हो टारू।

❓ कुंभ राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न

कुंभ राशिक जीवन मे एतेक बदलाव किएक भ' रहल अछि?

राहु 18 मई 2025 सँ सोझे कुंभ जन्मराशि मे छथि — ई चरण बारह वर्ष मे एक बेर अबैत अछि। नौकरी, शहर, रूप-रंग, सोचबाक ढंग वा अपना विषय मे बनल धारणे बदलि जायब एकर सामान्य परिणाम थिक, संगहि बेचैनी आ निन्न कम होयब सेहो।

कुंभ राशि पर कतेक ग्रहण पड़ल?

सोझे जन्मराशि मे तीन — 7 सितंबर 2025 क पूर्ण चंद्रग्रहण (भारत सँ पूर्ण रूपेँ देखायल), 17 फरवरी 2026 क वलयाकार सूर्यग्रहण आ 28 अगस्त 2026 क आंशिक चंद्रग्रहण। बारहो राशि मे ई सभ सँ बेसी अछि।

कुंभ राशि केँ पैघ निर्णय कहिया लेबाक चाही?

5 दिसंबर 2026 क बाद। जन्मराशिक राहुक दौर मे लेल पैघ निर्णय बाद मे बदलय पड़ैत अछि। राहुक द्वादश भाव मे गेलाक बाद आ 11 दिसंबर 2026 केँ शनिक मार्गी भेलाक बाद चित्र बेसी स्पष्ट देखाइत अछि।

📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि

  • 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
  • ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
  • अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
  • 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।

गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।