📅 तारीख मर्यादा निवडा | Select Date Range
💍 विवाहासाठी योग्य दिवस
| तारीख | वार | नक्षत्र | राहू काळ (टाळा) | दर्जा |
|---|---|---|---|---|
| 16-10-2026 | शुक्रवार | श्रवण | 10:24 AM – 11:53 AM | अति उत्तम ✨ |
| 21-10-2026 | बुधवार | रेवती | 11:53 AM – 1:22 PM | उत्तम ✓ |
| 26-10-2026 | सोमवार | रोहिणी | 7:26 AM – 8:55 AM | अति उत्तम ✨ |
| 01-11-2026 | रविवार | मघा | 4:12 PM – 5:40 PM | अति उत्तम ✨ |
| 04-11-2026 | बुधवार | हस्त | 11:51 AM – 1:18 PM | अति उत्तम ✨ |
| 05-11-2026 | गुरुवार | हस्त | 1:18 PM – 2:45 PM | अति उत्तम ✨ |
| 06-11-2026 | शुक्रवार | चित्रा | 10:23 AM – 11:51 AM | उत्तम ✓ |
| 09-11-2026 | सोमवार | अनुराधा | 7:29 AM – 8:56 AM | उत्तम ✓ |
| 11-11-2026 | बुधवार | मूळ | 11:51 AM – 1:18 PM | अति उत्तम ✨ |
| 13-11-2026 | शुक्रवार | उत्तराषाढा | 10:23 AM – 11:51 AM | उत्तम ✓ |
| 20-11-2026 | शुक्रवार | रेवती | 10:23 AM – 11:51 AM | उत्तम ✓ |
| 25-11-2026 | बुधवार | मृग | 11:51 AM – 1:18 PM | उत्तम ✓ |
| 03-12-2026 | गुरुवार | उत्तरा फाल्गुनी | 1:27 PM – 2:54 PM | उत्तम ✓ |
| 04-12-2026 | शुक्रवार | हस्त | 10:34 AM – 12:01 PM | अति उत्तम ✨ |
| 06-12-2026 | रविवार | स्वाती | 4:21 PM – 5:48 PM | उत्तम ✓ |
| 11-12-2026 | शुक्रवार | मूळ | 10:34 AM – 12:01 PM | अति उत्तम ✨ |
| 13-12-2026 | रविवार | उत्तराषाढा | 4:21 PM – 5:48 PM | उत्तम ✓ |
| 14-12-2026 | सोमवार | श्रवण | 7:40 AM – 9:07 AM | अति उत्तम ✨ |
📖 विवाहाचा दिवस निवडताना — काय माहीत असावे
मराठी परंपरेत विवाहाचा दिवस ठरवताना तीन टप्प्यांची तपासणी होते. पहिला टप्पा — सर्वसाधारण मुहूर्त दिवस: योग्य नक्षत्र (रोहिणी, मघा, उत्तरा, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, उत्तराषाढा, श्रवण, रेवती इत्यादी), चांगली तिथी आणि योग्य वार — हे तिन्ही एकत्र येणारे दिवसच हे कॅल्क्युलेटर दाखवते. प्रत्येक दिवसासोबत त्या दिवसाचा राहू काळही दिला आहे — मुहूर्त दिवस असला तरी तो कालावधी टाळण्याची प्रथा आहे.
दुसरा टप्पा — मास आणि कालवर्ज्य: आषाढ, चातुर्मास, अधिक मास (धोंड्याचा महिना) या काळात विवाह सहसा केले जात नाहीत. गुरू आणि शुक्र अस्तंगत असतानाचा काळ (गुरु-शुक्र अस्त) विवाहासाठी वर्ज्य मानला जातो — हा वर्षातून काही आठवडे येतो आणि पंचांग पाहूनच निश्चित करता येतो. महाराष्ट्रात तुळशी विवाहानंतर लग्नसराई सुरू होते ही प्रथा याच गणिताचा लोकभाषेतील सारांश आहे.
तिसरा टप्पा — पत्रिकेवर आधारित अंतिम निर्णय: वधू-वरांचे जन्मनक्षत्र, चालू महादशा-अंतर्दशा, चंद्राष्टम दिवस आणि जन्मनक्षत्राचा दिवस टाळून अंतिम मुहूर्त कुटुंबाचे ज्योतिषी काढतात. त्यानंतर त्या दिवसातील कोणती घटिका सर्वात शुभ हे ठरवण्याचा सूक्ष्म टप्पा वेगळाच असतो.
हा निकाल कसा वापरावा: इथे मिळणारी यादी प्राथमिक निवड म्हणून वापरा — मंगल कार्यालय आरक्षित करण्यासाठी आणि नातेवाइकांना कळवण्यासाठी एवढी माहिती पुरेशी आहे. मर्यादा स्पष्ट आहेत: ही यादी दोघांच्या पत्रिका पाहत नाही, गुरु-शुक्र अस्ताचा विचार करत नाही आणि दिवसातील नेमकी मुहूर्त घटिका देत नाही. अंतिम दिवस कुटुंबाच्या ज्योतिषाकडून निश्चित करून घेणे हाच योग्य मार्ग.
त्याआधी गुणमेलन पाहिले का? वधू-वरांच्या कुंडल्या इथे मोफत तयार करता येतील. इतर कार्यांच्या मुहूर्तांसाठी शुभ मुहूर्त पान पाहा; त्या दिवसाच्या पंचांग तपशिलासाठी आजचे पंचांग वापरा.