☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
🪐

♎ तुला राशि — राहु-केतु गोचर 2026-2028

Tula Rashi · राहु-केतु गोचर 2026-2028 · Maithili Jyotish

★★★☆☆

राहु तुला सँ पंचम भाव मे आ केतु एकादश भाव मे छथि। पंचम भावक राहु नव विचार आ सृजनशक्ति दैत अछि, मुदा संतान आ निवेशक मामिला मे सावधानी मँगैत अछि।

पंचम भावक राहु — कल्पना आ जोखिम

पंचम भाव संतान, शिक्षा, बुद्धि, प्रेम आ निवेशक भाव अछि। राहु एतय आबथि तँ विचार केँ असाधारण गति भेटैत अछि — नव विचार सुझैत अछि, कलात्मक काज मे सफलता भेटैत अछि आ तकनीक सँ जुड़ल नव बात सहजहि अबैत अछि। मई 2025 सँ तुला जातक किछु नव सिखने होयताह वा नव माध्यम मे काज शुरू कयने होयताह।

एही स्थानक दोसर पक्ष नुकयबा मे कोनो अर्थ नहि। राहु जुआ, अल्पकालिक सट्टा आ अनुचित आशाक सेहो कारक छथि, आ पंचम भाव निवेशक। तुला केँ एहि डेढ़ वर्ष मे तुरंत लाभक योजना, अस्थिर बजारक सट्टा आ उधार ल' क' कयल निवेश — तीनू सँ दूर रहबाक चाही। बच्चाक पढ़ाइ आ संगति पर सेहो सामान्य सँ बेसी ध्यान दिअ। एकादश भावक केतु मित्रमंडली आ आयक स्थान मे उदासीनता अनैत अछि; पुरान दायरा अपने आप छूटैत अछि आ नव जुड़ैत अछि।

तुलाक लेल ग्रहणक स्थान

तुला राशिक लेल एहि गोचरक चारि ग्रहण पंचम, एकादश, दशम आ फेर पंचम भाव मे पड़ल।

एहि मे सभसँ मुखर 12 अगस्त 2026 क दशम कर्म भाव वला सूर्यग्रहण अछि। तुलाक कुंडली मे दशम भाव कर्कक — अर्थात् चंद्रक — अछि आ ओतय सूर्यग्रहणक पड़ब अर्थात् काज सँ जुड़ल कोनो पैघ निर्णयक अचानक सोझाँ आयब। नोकरी मे बदलाव, नव जिम्मेदारी वा वरिष्ठ लोक सँ भेल निर्णायक संवाद अगस्त-सितंबर 2026 मे भेल होयत।

पंचम भावक दुनू ग्रहण राहुक स्थान पर पड़ल आ ओ निवेश तथा संतानक विषय केँ झटका देलक — एहि राशिक लोक ओही अवधि मे कोनो जोखिम भरल निवेश रोकने होयताह, आ ओ निर्णय ठीके छल। 3 मार्चक एकादश भाव वला चंद्रग्रहण मित्रमंडलीक पुनर्व्यवस्था देखबैत अछि। अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल, मुदा फल राशिचक्र मे स्थिति सँ तय होइत अछि।

धुरी बदलबाक बाद आ जनकपुरक जानकी मंदिर

5 दिसंबर 2026 केँ राहु मकर मे आ केतु कर्क मे जाइत छथि। तुलाक लेल राहु पंचम भाव सँ चतुर्थ भाव मे आ केतु एकादश सँ दशम भाव मे सरकैत छथि।

चतुर्थ भावक राहु मकान, जमीन आ माताक विषय मे हलचल अनैत अछि — घर बदलब, मरम्मत वा जमीनक सौदा दिसंबर 2026 क बाद संभव अछि। दशम भावक केतु काजक स्थान मे उदासीनता अनैत अछि; पद आ प्रतिष्ठाक खिंचाव घटैत अछि आ काज मे संतोषक प्रश्न आगाँ अबैत अछि। ई धुरी मध्य 2028 धरि रहत।

ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 क गुरु-केतु योग तुलाक एकादश भाव मे बनैत अछि — अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच मित्र वा आयक स्रोतक पुनर्व्यवस्था संभव अछि; नव जान-पहिचान सँ आयल निवेशक प्रस्ताव पर तखन विशेष सावधानी राखू। उपाय मे नेपालक धनुषा जिलाक जनकपुरक जानकी मंदिर — सीता-रामक विवाहभूमि मानल जायबला ओ तीर्थ जकरा मिथिलाक लोक अपन आस्थाक केंद्र मानैत छथि — आ व्रत मे अगहनक विवाह पंचमी एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि।

❓ तुला राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न

तुला राशि केँ निवेश मे की सावधानी राखबाक चाही?

राहु तुला सँ पंचम अर्थात् निवेशक भाव मे छथि आ राहु जुआ तथा अनुचित आशाक सेहो कारक छथि। तुरंत लाभक योजना, अस्थिर बजारक सट्टा आ उधार ल' क' कयल निवेश — तीनू सँ दूर रहू।

तुला राशिक मित्रमंडली मे बदलाव किएक भ' रहल अछि?

केतु तुला सँ एकादश भाव मे छथि — मित्रमंडली आ आयक स्थान। ओतुका केतु उदासीनता अनैत अछि, तेँ पुरान दायरा अपने आप छूटैत अछि आ नव जुड़ैत अछि। ई नोकसान नहि, पुनर्व्यवस्था अछि।

5 दिसंबर 2026 क बाद तुला राशिक की होयत?

राहु चतुर्थ भाव मे आ केतु दशम भाव मे जयताह। मकान, जमीन आ माताक विषय मे हलचल आओत — घर बदलब वा मरम्मत संभव अछि। दशम भावक केतुक कारणेँ पदक खिंचाव घटि क' काज मे संतोषक प्रश्न आगाँ आओत।

📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि

  • 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
  • ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
  • अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
  • 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।

गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।