राहु धनु सँ तृतीय भाव मे आ केतु नवम भाव मे छथि। तृतीय भावक राहु एहि धुरीक सभसँ फलदायी व्यवस्था मे सँ एक अछि — साहस, अपन प्रयास आ नव कौशल केँ ओ सोझे बल दैत अछि।
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तृतीय भावक राहु — अपन प्रयासक डेढ़ वर्ष
तृतीय भाव साहस, अपन प्रयास, भाइ-बहिन, छोट यात्रा आ नव कौशलक भाव अछि। उपचय भाव होयबाक कारणेँ राहु सन छायाग्रह सेहो एतय शुभ फल दैत अछि — बल्कि तृतीय भाव राहुक सभसँ नीक स्थान मानल जाइत अछि। मई 2025 सँ धनु जातक किछु नव सिखने होयताह, अपन नव उपक्रम शुरू कयने होयताह वा पुरान डर तोड़ि कोनो डेग उठौने होयताह।
लेखन, मीडिया, सोशल मीडिया, बिक्री, प्रशिक्षण आ तकनीकक क्षेत्र मे एहि राशि केँ एहि अवधि मे असाधारण प्रगति होइत छनि। राहुक स्वामी शनि एखन मीन मे, अर्थात् धनु सँ चतुर्थ भाव मे छथि — जतय एहि राशिक ढैया चलि रहल अछि। अर्थात् बाहरक काज पूरा रफ्तार पर आ घरक प्रश्न अटकल, ई विचित्र जोड़ी एहि राशिक हिस्सा मे आयल अछि। नवम भावक केतु धर्म, पिता आ परंपरागत आस्था सँ दूरी अनैत अछि; संगहि ओ आत्मखोजक अनुकूल अछि।
धनुक लेल ग्रहणक स्थान
धनु राशिक लेल एहि गोचरक चारि ग्रहण तृतीय, नवम, अष्टम आ फेर तृतीय भाव मे पड़ल।
तृतीय भावक दुनू ग्रहण राहुक स्थान पर पड़ल आ ओ एहि राशिक अपन प्रयास केँ धक्का द' गति देलक — नव उपक्रम शुरू करब, नोकरी छोड़ि अपन किछु करब वा कोनो नव कौशल ठानि क' सीखब, एहन निर्णय फरवरी आ अगस्त 2026 क आसपास लेल गेल होयत। तृतीय भावक ग्रहण उपचय स्थान पर होयबाक कारणेँ रोकैत नहि, धकेलैत अछि।
12 अगस्त 2026 क अष्टम भाव वला सूर्यग्रहण मुदा भिन्न स्वरूपक छल — बीमा, उत्तराधिकार वा चिकित्सा प्रकारक कोनो विषय ओही अवधि मे सोझाँ आयल होयत। 3 मार्चक नवम भाव वला चंद्रग्रहण केतुक स्थान पर पड़ि आस्था आ पिताक राय पर प्रश्न केँ गाढ़ करैत अछि। अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल।
धुरी-परिवर्तन आ सिमरिया धाम
5 दिसंबर 2026 केँ राहु मकर मे आ केतु कर्क मे जाइत छथि। धनुक लेल राहु तृतीय भाव सँ द्वितीय भाव मे आ केतु नवम सँ अष्टम भाव मे सरकैत छथि।
द्वितीय भावक राहु परिवार, संचय आ वाणीक स्थान मे अबैत अछि। ओ आयक नव बाट देखबैत अछि, मुदा खर्च सेहो ओतबे बढ़बैत अछि; दिसंबर 2026 क बाद धनु केँ आय-व्ययक हिसाब सख्ती सँ राखबाक चाही आ बजैत काल शब्द सम्हारबाक चाही। अष्टम भावक केतु अचानक बदलाव आ गूढ़ विषय दिस खिंचाव अनैत अछि; चिकित्सा जाँच तखन नियमित राखू।
ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 केँ गुरु आ केतु सिंह मे करीब युत होइत छथि — धनुक लेल ई योग नवम भाग्य भाव मे बनैत अछि, आ गुरुए एहि राशिक स्वामी होयबाक कारणेँ ओ विशेष महत्वपूर्ण अछि। अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच आस्था, गुरु वा उच्च शिक्षा पर कोनो बुनियादी निर्णय सोझाँ आबि सकैत अछि। उपाय मे बेगूसरायक गंगा तट पर सिमरिया धाम, जतय कार्तिक मे कल्पवास होइत अछि तथा व्रत मे प्रत्येक मासक संकष्टी चतुर्थी एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि।
❓ धनु राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
धनु राशिक लेल तृतीय भावक राहु नीक अछि?
हँ, तृतीय भाव राहुक सभ सँ नीक स्थान मानल जाइत अछि। साहस, अपन प्रयास, नव कौशल आ लेखन-मीडिया-तकनीकक क्षेत्र मे ओ सोझ बल दैत छथि। ई अनुकूल चरण 5 दिसंबर 2026 केँ समाप्त होयत।
धनु राशिक बाहरक काज नीक, मुदा घरक प्रश्न किएक अटकल अछि?
राहु तृतीय भाव मे रहबाक कारणेँ बाहरक काज पूरा गति सँ चलैत अछि, मुदा राहुक स्वामी शनि मीन मे अर्थात् धनु सँ चतुर्थ भाव मे छथि — जतय एहि राशिक ढैया चलि रहल अछि। दुनूक एक संग चलब एहि राशिक वर्तमान विचित्र जोड़ी अछि।
5 दिसंबर 2026 क बाद धनु राशि केँ की ध्यान राखबाक चाही?
राहु द्वितीय भाव मे जयताह — ओ आयक नव बाट देखबैत छथि मुदा खर्च सेहो ओतबे बढ़बैत छथि। आय-व्ययक हिसाब कड़ाई सँ राखू आ बजबा काल शब्द सम्हारू। अष्टम भावक केतुक कारणेँ स्वास्थ्य जाँच सेहो नियमित राखू।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
- ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
- अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
- 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।