☎ मैथिली ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026

☀️ नवग्रह — सूर्य (Sun)

Navagraha Maithili | सूर्य Planet | Vedic Astrology

☀️ सूर्य — Sun ग्रहक विवरण

सूर्य आत्माक कारक छथि। नेतृत्व, पिता, सरकारी सेवा, स्वास्थ्य, नेत्र आ आत्मबलक प्रतिनिधित्व करैत छथि।

🏠 स्वामी राशिसिंह 📈 उच्चमेष (10°)
📉 नीचतुला 💎 रत्नमाणिक्य (Ruby)
📅 वाररविवार 🎨 रंगलाल, सोनहुला
🕉️ आराध्य देवशिव, विष्णु, सूर्य नारायण
🙏 मंत्रॐ सूर्याय नमः
🏛️ प्रमुख मंदिरकंदाहा सूर्य मंदिर (सहरसा)

📊 सूर्य ग्रहक फल

✅ बलवान सूर्य — शुभ फल

नेतृत्व, अधिकार, सरकारी सेवामे सफलता। पितासँ नीक संबंध। नेत्र-स्वास्थ्य। आत्मविश्वासमे वृद्धि।

⚠️ निर्बल सूर्य — चुनौती

अहंकार, क्रोध। पिता/सरकारसँ विवाद। नेत्र-समस्या। माथदर्द।

📖 सूर्य क विषय मे

सूर्य नवग्रहमे आत्माक कारक छथि। कुंडलीमे सूर्य जतए बैसैत छथि, से आत्मबल, आत्मविश्वास आ नेतृत्व-क्षमता देखबैत अछि। बलवान सूर्यबला जातक साहसी निर्णय लेनिहार आ स्वतंत्र प्रवृत्तिक होइत छथि।

सूर्य सिंह राशिक स्वामी छथि आ मेष राशिमे 10° पर उच्च होइत छथि, तुलामे नीच। नीच सूर्यकेँ जखन 'नीच भंग राज योग' भेटैत अछि, तँ ओ सामान्य उच्चोसँ बेसी बलवान मानल जाइत छथि। सूर्य जाहि ग्रहक लग अबैत छथि, से ग्रह अस्त भ' जाइत अछि।

रविदिन सूर्यकेँ अर्घ्य देब, आदित्य हृदय स्तोत्रक पाठ आ पितासँ नीक संबंध सूर्यकेँ बलवान करैत अछि। छठ पाबनिमे सूर्यकेँ अर्घ्य विशेष फलदायी मानल जाइत अछि। लाल/गेहुँआ वस्त्र आ गुड़-गहुमक दान शुभ मानल जाइत अछि। माणिक्य सूर्यक रत्न अछि।

🎯 सूर्य कथीक कारक छथि

सूर्य आत्माक कारक छथि। भावक हिसाबसँ ओ प्रथम आ नवम भावक नैसर्गिक कारक छथि — अर्थात शरीरक तेज आ पिताक स्थिति दुनू हिनकेसँ देखल जाइत अछि। एकटा आम भूल अछि सूर्य केँ मात्र ‘नोकरीक ग्रह’ मानि लेब; नोकरी दशम भावक विषय अछि आ दशमक कारक चारि छथि — सूर्य, बुध, गुरु आ शनि। सूर्य पद नहि दैत छथि, पदक लेल आवश्यक आत्मबल दैत छथि।

🏠 स्वामित्व, मूलत्रिकोण आ उच्च-नीच अंश

अपन राशि मात्र सिंह — नवग्रहमे सूर्य आ चंद्रे टा एक-एकटा राशिक स्वामी छथि। मूलत्रिकोण सिंहक 0° सँ 20° धरि; ओकर आगूक दस अंश मात्र स्वक्षेत्र। उच्च मेष 10° आ नीच तुला 10° — ठीक 180° सोझाँ।

एहि अंश सभक उपेक्षा पाठक सभसँ पैघ चूक अछि। मेष 28 अंशक सूर्य उच्च राशिमे रहितो परमोच्च बिंदुसँ बहुत दूर छथि आ हुनक बल मेष 10 अंशक सूर्यक तुलनामे बहुत कम।

⏳ सूर्य क दशाक स्वभाव

विंशोत्तरीमे सूर्य दशा मात्र छह वर्षक अछि — सभसँ छोट महादशा सभमे सँ एक। कृत्तिका, उत्तरा फाल्गुनी वा उत्तराषाढ़ामे जन्म हो तँ जीवन सूर्य दशेसँ आरंभ होइत अछि।

एहि छह वर्षक स्वभाव ‘स्पष्टता’ अछि — कम समयमे पैघ निर्णय। बहुतो जातक एही दशामे नोकरी बदलैत छथि वा पितासँ संबंधमे एकटा मोड़ देखैत छथि। भीतर शनिक अंतर्दशा सभसँ भारी रहैत अछि, कारण पिता-पुत्र रहितो ज्योतिषमे ई दुनू शत्रु छथि।

🌿 सूर्य लेल व्यावहारिक उपाय

रवि दिन सूर्योदयक बाद तामक पात्रसँ जल-अर्घ्य, गहूम आ गुड़क दान, आ पिता वा पितातुल्य कोनो वरिष्ठसँ अधूरा पड़ल बात साफ करब।

मिथिलामे सूर्य-आराधनाक सभसँ जीवंत रूप छठ अछि — जाहिमे पोखरि आ नदीक घाट पर पहिने डुबैत सूर्य केँ अर्घ्य देल जाइत अछि, फेर उगैत सूर्य केँ। कंदाहा (सहरसा) क सूर्य मंदिर एही परंपराक प्राचीन केंद्र मानल जाइत अछि।

❓ सूर्य ग्रह — प्रश्नोत्तर

सूर्य कमजोर होथि तँ की माणिक्य पहिरबाक चाही?

लग्न देखने बिना नहि। वृषभ आ तुला लग्नमे सूर्य मारक वा अशुभ भावक स्वामी बनि जाइत छथि, ओतए माणिक्य लाभक बदला हानि करैत अछि।

अस्त ग्रहक की अर्थ अछि?

सूर्यक बहुत लग आबि गेला पर ग्रह अस्त भए जाइत छथि आ हुनक फल क्षीण भए जाइत अछि। प्रत्येक ग्रहक लेल ई अंश भिन्न अछि — बुधक लेल सभसँ कम, शनिक लेल सभसँ बेसी।

सूर्य दशा मात्र छह वर्षक अछि तँ एतेक महत्वपूर्ण किएक?

समय कम अछि मुदा प्रभाव केंद्रीय। सूर्य आत्माक कारक छथि, तेँ एहि दशामे अधिकांश जातक केँ ‘हमरा करबाक की अछि’ क उत्तर भेटैत अछि।

🕌 सूर्य क उपाय आ पूजा

📿 मंत्र

ॐ सूर्याय नमः

108 बेर जप करू — विशेष रूप सँ रविवार केँ

🛕 मंदिर

कंदाहा सूर्य मंदिर (सहरसा)

💎 रत्न

माणिक्य (Ruby) — ज्योतिषीक परामर्श सँ धारण करू