🪐 9 नवग्रह — चुनू
🔴 मंगल — Mars ग्रहक विवरण
मंगल साहस, भाइ-बहिन, भूमि, रक्त आ ऊर्जाक कारक छथि। पराक्रम आ प्रतिस्पर्धा हिनक क्षेत्र अछि।
| 🏠 स्वामी राशि | मेष, वृश्चिक | 📈 उच्च | मकर (28°) |
|---|---|---|---|
| 📉 नीच | कर्क | 💎 रत्न | मूंगा (Coral) |
| 📅 वार | मंगलवार | 🎨 रंग | लाल |
| 🕉️ आराध्य देव | हनुमान, कार्तिकेय | ||
| 🙏 मंत्र | ॐ अं अंगारकाय नमः | ||
| 🏛️ प्रमुख मंदिर | मंगलनाथ मंदिर (उज्जैन) | ||
📊 मंगल ग्रहक फल
✅ बलवान मंगल — शुभ फल
साहस, पराक्रम, भूमि-भवन लाभ। भाइ-बहिनक सहयोग। शारीरिक बल।
⚠️ निर्बल मंगल — चुनौती
क्रोध, दुर्घटनाक भय। भाइ-बहिनसँ मतभेद। रक्त-विकार। मंगल दोष।
📖 मंगल क विषय मे
मंगल साहस, भाइ-बहिन, भूमि, रक्त आ ऊर्जाक कारक छथि। बलवान मंगलबला जातक सेना, पुलिस, शल्य-चिकित्सा, इंजीनियरिंग आ भूमि-भवनक क्षेत्रमे सफल होइत छथि।
मंगल मेष आ वृश्चिकक स्वामी छथि, मकर (28°) मे उच्च आ कर्कमे नीच। मंगलक 4, 7 आ 8म दृष्टि विशेष होइत अछि। विवाह-विचारमे मंगलक स्थिति ध्यानसँ देखल जाइत अछि — यैह मंगल दोषक जाँचक आधार अछि।
मंगलदिन हनुमान जीक पूजा, हनुमान चालीसाक पाठ आ लाल मसुरी-गुड़क दान मंगलकेँ बलवान करैत अछि। उज्जैनक मंगलनाथ मंदिर प्रमुख अछि। मूंगा मंगलक रत्न अछि।
🎯 मंगल कथीक कारक छथि
मंगल तृतीय आ षष्ठ भावक नैसर्गिक कारक छथि — साहस, छोट भाय, प्रतिस्पर्धा आ शत्रु। ओ भूमिक सेहो कारक छथि, तेँ जमीन-जायदादक प्रश्नक उत्तर मंगल देखने बिना नहि देल जाइत अछि।
एकटा प्रचलित भूल अछि मंगल केँ मात्र ‘दोषक ग्रह’ मानि लेब। मंगल दोष एकटा विशेष भाव-स्थितिक नाम अछि, ग्रहक स्वभावक नहि; मंगलक असली काज रक्षा करब अछि।
🏠 स्वामित्व, मूलत्रिकोण आ उच्च-नीच अंश
मंगल दू राशिक स्वामी छथि — मेष आ वृश्चिक। मूलत्रिकोण मेषक 0° सँ 12°। उच्च मकर 28°, नीच कर्क 28°।
दुनू राशिक स्वभाव पूर्णतः भिन्न अछि आ पाठमे ई बात प्रायः सदिखन छुटि जाइत अछि: मेषक मंगल अग्नि आ चर छथि — बाहर लड़ैत छथि; वृश्चिकक मंगल जल आ स्थिर छथि — भीतर सम्हारिकए रखैत छथि। तेँ मेष लग्नक क्रोध देखाइत अछि आ वृश्चिक लग्नक नहि।
⏳ मंगल क दशाक स्वभाव
मंगल महादशा सात वर्षक अछि। मृगशिरा, चित्रा वा धनिष्ठामे जन्म हो तँ ई पहिल दशा होइत अछि।
स्वभाव — ‘उद्यम’। एहि सात वर्षमे अधिकांश जातक प्रतियोगी परीक्षा, भूमि-क्रय, निर्माण वा अपन व्यापारक आरंभ देखैत छथि। फल तेजीसँ अबैत अछि मुदा बेसी दिन टिकैत नहि — मंगल शुरू करबैत छथि, शनि स्थिर करैत छथि। राहुक अंतर्दशामे अनावश्यक विवाद आ चोटसँ सावधान रहबाक चाही।
🌿 मंगल लेल व्यावहारिक उपाय
मंगल दिन मसूर दालि आ गुड़क दान, वर्षमे एक बेर रक्तदान, नियमित शारीरिक श्रम, आ क्रोधक उत्तर एक दिन बाद देबाक आदति।
मिथिलामे मंगल-बलक सभसँ परिचित अभिव्यक्ति हनुमान-उपासना आ शक्ति-पूजा अछि; गाम-गामक महावीर स्थान पर मंगल दिनक भीड़ आ दुर्गा पूजाक अखाड़ा एही धारणासँ जुड़ल अछि। जे शरीर सेवामे लगैत अछि से झगड़ामे नहि लगैत अछि।
❓ मंगल ग्रह — प्रश्नोत्तर
मेष आ वृश्चिकक मंगलमे अंतर की अछि?
मेष अग्नि आ चर अछि — मंगल बाहर लड़ैत छथि आ क्रोध देखाइत अछि। वृश्चिक जल आ स्थिर अछि — मंगल भीतर सम्हारैत छथि आ क्रोध नहि देखाइत अछि।
मंगल दोष हो तँ की विवाह नहि होइत अछि?
ई गलत धारणा अछि। मंगल दोष 1, 4, 7, 8 आ 12म भावक एकटा स्थिति मात्र अछि आ कतेको अवस्थामे अपने भंग भए जाइत अछि।
की मंगलक दशामे जमीन कीनब ठीक अछि?
मंगल भूमिक कारक छथि तेँ काज आगू बढ़ैत अछि। मुदा ओ विवादक सेहो कारक छथि — कब्जा, सीमा आ कागज जँचने बिना बयाना देब एहि दशाक सभसँ आम भूल अछि।
🕌 मंगल क उपाय आ पूजा
📿 मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नमः
108 बेर जप करू — विशेष रूप सँ मंगलवार केँ
🛕 मंदिर
मंगलनाथ मंदिर (उज्जैन)
💎 रत्न
मूंगा (Coral) — ज्योतिषीक परामर्श सँ धारण करू