राहु वृषभ सँ दशम कर्म भाव मे आ केतु चतुर्थ सुख भाव मे छथि। काज मे पैघ बदलाव आ घरक मामिला मे बेचैनी — दुनूक एक संग चलब एही धुरीक पहिचान अछि।
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दशम भावक राहु — बदलावक डेढ़ वर्ष
दशम भाव नोकरी, व्यवसाय, पद आ समाज मे पहिचानक भाव अछि। राहु एतय आबथि तँ ओ स्थिरता ल' लैत छथि आ ओकर बदला मे गति दैत छथि। मई 2025 सँ वृषभ जातकक काज मे किछु पैघ बदलल होयत — नव भूमिका, नव विभाग, नव शहर वा एकदम नव क्षेत्र।
राहुक स्वामी शनि एखन मीन मे, अर्थात् वृषभ सँ एकादश लाभ भाव मे छथि। ई जुड़ाव अनुकूल अछि: काजक बदलाव अंततः आय बढ़ाबयबला सिद्ध होइत अछि। मुदा दशम भावक राहु एकटा जोखिम रखैत अछि — ओ वास्तविक योग्यता सँ पैघ देखयबाक प्रवृत्ति दैत अछि। वृषभ केँ एहि अवधि मे अपन अनुभव वा योग्यताक विषय मे अतिशयोक्ति नहि करबाक चाही। चतुर्थ भावक केतु मकान, जमीन, वाहन आ माताक मामिला मे उदासीनता अनैत अछि।
वृषभक लेल ग्रहणक ठेकान
वृषभ राशिक लेल एहि गोचरक चारि ग्रहण दशम, चतुर्थ, तृतीय आ फेर दशम भाव मे पड़ल। अर्थात् दू ग्रहण सोझे कर्म भाव पर — आ ओतहि राहु सेहो छथि।
ई जुड़ाव वृषभक लेल सभसँ महत्वपूर्ण अछि। कर्म भावक राहु पहिने सँ काज मे बदलाव करा रहल छल; 17 फरवरी 2026 आ 28 अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण ओही घर पर पड़ि ओहि बदलाव केँ निर्णायक मोड़ दैत अछि। एहि राशिक अनेक लोक केँ नोकरी वा भूमिकाक निर्णय ठीक ओही दुनू मासक आसपास लेबय पड़ल होयतनि।
3 मार्च 2026 क चंद्रग्रहण चतुर्थ भाव मे, अर्थात् केतुक स्थान पर पड़ल — मकान, जमीन आ माताक स्वास्थ्यक विषय तखन सोझाँ आयल होयत। 12 अगस्तक तृतीय भाव वला सूर्यग्रहण भाइ-बहिन आ छोट यात्रा सँ जुड़ल छल तथा वृषभक लेल सभसँ हल्लुक। अगस्तक दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल; सूतक आ ज्योतिषीय फल दू अलग बात अछि।
धुरी बदलबाक बाद आ उच्चैठ भगवती
5 दिसंबर 2026 केँ राहु मकर मे आ केतु कर्क मे जाइत छथि। वृषभक लेल राहु दशम भाव सँ नवम भाग्य भाव मे आ केतु चतुर्थ सँ तृतीय भाव मे सरकैत छथि।
ई बदलाव एहि राशिक लेल अनुकूल अछि। काजक अस्थिरता घटैत अछि आ ओकर स्थान नमहर यात्रा, उच्च शिक्षा, विदेशक अवसर आ धर्म-दर्शन दिस मुड़ैत रुचि लैत अछि। घरक बेचैनी सेहो समाप्त होइत अछि। दिसंबर 2026 क बाद विदेशक आवेदन आ नमहर पाठ्यक्रम अनुकूल रहैत अछि।
ओहि सँ पहिने 11 नवंबर 2026 क गुरु-केतु योग वृषभक चतुर्थ भाव मे बनैत अछि — अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027 क बीच मकान, जमीन वा माताक मामिला मे निर्णय लेबय पड़ि सकैत अछि; पैघ सौदा ओहि तीन मास मे टारू। उपाय मे मधुबनी जिलाक उच्चैठ भगवती — थुम्हानी धारक कात स्थित ओ सिद्धपीठ जतय कालिदास केँ विद्याक वरदान भेटल छलनि आ नवरात्र मे भारी भीड़ लगैत अछि — आ व्रत मे आश्विन कृष्ण अष्टमीक जितिया एहि राशिक लेल कहल जाइत अछि।
❓ वृषभ राशि — प्रायः पुछल जाए बला प्रश्न
वृषभ राशिक काज मे एतेक बदलाव किएक भ' रहल अछि?
राहु मई 2025 सँ वृषभक दशम कर्म भाव मे छथि। राहु स्थिरता ल' लैत छथि आ ओकर बदला मे गति दैत छथि — नव भूमिका, नव विभाग, नव शहर वा नव क्षेत्र एकर सामान्य परिणाम अछि। 5 दिसंबर 2026 क बाद ई अस्थिरता घटत।
ग्रहण भारत सँ नहि देखाय तँ ओकर फल नहि भेटैत अछि?
सूतक आ ज्योतिषीय फल दू अलग बात अछि। सूतक स्थानीय दृश्यता सँ तय होइत अछि — अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखायल छल, तेँ सूतक मानबाक कारण नहि छल। ग्रहणक ज्योतिषीय फल राशिचक्र मे ओकर स्थिति सँ निकालल जाइत अछि।
वृषभ राशि केँ मकानक सौदा कहिया टारबाक चाही?
अक्टूबर 2026 सँ जनवरी 2027। 11 नवंबर 2026 केँ गुरु आ केतु सिंह मे करीब युत होइत छथि आ वृषभक लेल ई योग चतुर्थ — मकान आ माताक — भाव मे बनैत अछि।
📅 एहि गोचरक जाँचल तिथि
- 18 मई 2025 — राहु कुंभ मे, केतु सिंह मे (मध्यम गणित; स्पष्ट गणित सँ 29 मई 2025)।
- ग्रहण — 7 सित. 2025 (कुंभ 21°11'), 17 फर. 2026 (कुंभ 4°37'), 3 मार्च 2026 (सिंह 18°38'), 12 अग. 2026 (कर्क 25°49'), 28 अग. 2026 (कुंभ 10°37')।
- अगस्त 2026 क दुनू ग्रहण भारत सँ नहि देखाएल, तेँ ओकर सूतक मानबाक कोनो कारण नहि छल।
- 5 दिसंबर 2026 — राहु मकर मे, केतु कर्क मे; ई गोचर समाप्त (स्पष्ट गणित सँ 25 नवंबर 2026)।
गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे।