अगिला षष्ठी: 15 नवम्बर 2026, रविदिन (10 दिन बाद)
2026 मे षष्ठी कुल 12 बेर पड़ि रहल अछि।
📅 षष्ठी 2026 केर सभ तारीख
| तारीख | दिन | तिथि |
|---|---|---|
| 24 जनवरी 2026 | शनिदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 23 फरवरी 2026 | सोमदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 24 मार्च 2026 | मंगलदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 22 अप्रैल 2026 | बुधदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 22 मई 2026 | शुक्रदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 20 जून 2026 | शनिदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 19 जुलाई 2026 | रविदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 18 अगस्त 2026 | मंगलदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 17 सितम्बर 2026 | बृहस्पतिदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 16 अक्टूबर 2026 | शुक्रदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 15 नवम्बर 2026 | रविदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
| 15 दिसम्बर 2026 | मंगलदिन | शुक्ल पक्ष — तिथि 6 |
🔍 षष्ठी की थिक आ किएक कएल जाइत अछि
शुक्ल पक्षक षष्ठी भगवान कार्तिकेय — जिनका स्कंद, मुरुगन आ सुब्रह्मण्य सेहो कहल जाइत छै — केर तिथि थिक। दक्षिण भारत मे ई सभ सँ लोकप्रिय व्रत मे अछि, आ दीपावलीक आसपासक स्कंद षष्ठी छह दिन चलए वला पर्व थिक जकर समापन सूरसंहारम सँ होइत अछि। मिथिला आ बिहार मे कार्तिक शुक्ल षष्ठी केँ छठ पूजा होइत अछि, जे सूर्य उपासनाक पर्व थिक — ओ अलग परंपरा थिक, मुदा तिथि एहि षष्ठीए अछि।
🙏 षष्ठी कोना करू
भोरे स्नान क' क' कार्तिकेय जीक चित्र वा मूर्तिक आगू दीप जराउ। रातुल वा पीयर फूल, दूध आ फल चढ़ाउ आ ‘ॐ सुब्रह्मण्याय नमः’ केर जप करू। दिन मे एक बेर भोजन वा फलाहार करू। एहि दिन मोरपंख, वेल (भाला) आ लाल रंगक विशेष संबंध मानल जाइत अछि।
👤 ककरा लेल विशेष
संतान-सुख, साहस, कर्जा सँ राहत आ मंगल ग्रहक शांति लेल ई व्रत कएल जाइत अछि। जिनकर कुंडली मे मंगल कमजोर होथि वा मांगलिक स्थिति बनैत होअए, से सेहो एकरा अपनबैत छथि।
❓ षष्ठी — बेर-बेर पूछल जाए वला प्रश्न
षष्ठी आ स्कंद षष्ठी मे की अंतर अछि?
हरेक शुक्ल पक्षक षष्ठी कार्तिकेयक तिथि थिक। जखन ई षष्ठी दीपावलीक आसपासक पैघ षष्ठी होइत अछि, तखन ओकरा स्कंद षष्ठी महोत्सवक रूप मे विशेष रूप सँ मनाओल जाइत अछि।
छठ पूजाक तिथि की अछि?
छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी केँ मनाओल जाइत अछि, अर्थात् अक्टूबर-नवम्बरक षष्ठी। ऊपरक सूची मे ओहि मासक तारीख देखू, आ साँझ-भोरक अर्घ्यक समयक लेल स्थानीय पंचांग सँ मिला लिय।
षष्ठी व्रत मे की खाउ?
फल, दूध आ साबूदाना जकाँ हल्लुक सात्विक भोजन। जे पूरा दिनक उपवास करैत छथि से साँझक पूजाक बादे भोजन लैत छथि।
षष्ठीक व्रत कतेक समय धरि करबाक चाही?
बहुत लोक 6 षष्ठी वा एक बरखक षष्ठीक संकल्प लैत छथि। तिथि छोट-पैघ भ' सकैत अछि, तेँ संकल्प सुविधा अनुसार लिय।
ℹ️ गणना निरयन (लाहिरी) पद्धति सँ, भारतीय मानक समय मे कएल गेल अछि। ओ दिन देखाओल गेल अछि जाहि दिनक सूर्योदय (भोर मे लगभग 6 बजे) केर बाद तिथि पूरा होइत अछि। शहर अनुसार किछु तिथि एक दिन आगू-पाछू भ' सकैत अछि, आ प्रदोष तथा संकष्टी मे साँझ वा चंद्रोदयक समय केर तिथि सेहो देखल जाइत अछि — तेँ व्रत सँ पहिने अपन स्थानीय पंचांग वा पंजी वा मंदिरक कैलेंडर सँ एक बेर मिला लिय।
🔮 अहाँक कुंडली मे कोन व्रत सभ सँ उपयोगी?
जन्म कुंडली मे अहाँक राशि आ दशा देखि क' कहल जा सकैत अछि जे कोन व्रत आ कोन देवता अहाँ लेल सभ सँ बेसी सहारा देताह।