नवग्रह के छथि?
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु आ केतु — वैदिक ज्योतिषक नओ ग्रह। राहु-केतु छाया ग्रह छथि (चन्द्रमाक कक्षाक गणितीय बिंदु)।
प्रत्येक ग्रहक कारकत्व
सूर्य: आत्मा, पिता, अधिकार, सरकारी सेवा। चंद्र: मन, माता, भावना। मंगल: साहस, भूमि, भाइ, ऊर्जा। बुध: बुद्धि, वाणी, व्यापार। गुरु: ज्ञान, धन, संतान, धर्म। शुक्र: प्रेम, विवाह, कला, ऐश्वर्य। शनि: कर्म, अनुशासन, आयु, सेवा। राहु: आकांक्षा, विदेश, तकनीक। केतु: मोक्ष, अध्यात्म, वैराग्य।
ग्रहक मित्रता-शत्रुता
सूर्य-चंद्र-मंगल-गुरु एक मित्र-मंडल बनबैत छथि; शुक्र-शनि-बुध दोसर। इएह मैत्री गुण मिलानक 'ग्रह मैत्री' कूटक आधार थिक।
उच्च आ नीच राशि
प्रत्येक ग्रह कोनो राशि मे उच्च (सर्वाधिक बलवान) आ कोनो मे नीच होइत छथि — जेना सूर्य मेष मे उच्च, तुला मे नीच; शनि तुला मे उच्च, मेष मे नीच।
नवग्रह शांति
जे ग्रह कुंडली मे निर्बल वा पीड़ित होथि, हुनक शांति मंत्र-जप, दान, व्रत आ रत्न सँ कयल जाइत अछि। नवग्रह मंदिर मे दर्शनक परंपरा सेहो प्रचलित अछि।
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📖 English Summary — Navagraha — Influence of the Nine Planets
The Navagrahas — Sun, Moon, Mars, Mercury, Jupiter, Venus, Saturn, Rahu and Ketu — govern different areas of life. Learn each planet's significations, friendships, exaltation signs and remedies.
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