ज्योतिष की थिक?
ज्योतिष (वैदिक ज्योतिष) ओ प्राचीन विद्या थिक जे जन्मक समयक ग्रह-स्थिति सँ व्यक्तिक स्वभाव, जीवन-प्रवृत्ति आ कालखंडक अध्ययन करैत अछि। वेदांगक छह अंग मे ज्योतिष केँ 'वेदक आँखि' कहल गेल अछि। मिथिला मे ज्योतिषक परंपरा अत्यंत समृद्ध रहल अछि आ आइयो प्रत्येक घर मे पतरा आ टिपनिक विशेष मान अछि।
कुंडली अर्थात् टिपनि की थिक?
जन्मकुंडली जन्मक क्षणक आकाशीय मानचित्र थिक। एहि मे 12 भाव होइत अछि जे जीवनक 12 क्षेत्र — शरीर, धन, भाइ-बहिन, माता-भवन, संतान, रोग-शत्रु, विवाह, आयु, भाग्य, कर्म, लाभ आ मोक्ष — क प्रतिनिधित्व करैत अछि।
12 राशि
मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ आ मीन — ई 12 राशि राशिचक्रक 30-30 अंशक भाग थिक। जन्मक समय चन्द्रमा जाहि राशि मे रहैत छथि, सएह जन्म राशि कहबैत अछि।
27 नक्षत्र
राशिचक्रक 27 भाग नक्षत्र कहबैत अछि — अश्विनी सँ रेवती धरि। नक्षत्र सँ दशा, नामकरण आ विवाह-मिलानक निर्धारण होइत अछि।
9 ग्रह
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु आ केतु — ई नवग्रह कुंडलीक आधार थिक। प्रत्येक ग्रह जीवनक विशिष्ट क्षेत्रक कारक अछि।
उत्तर भारतीय कुंडली शैली — मिथिला मे प्रचलित
मिथिला सहित उत्तर भारत मे डायमंड (हीरा) आकारक कुंडली प्रचलित अछि — एहि मे भाव स्थिर रहैत अछि आ लग्न सदिखन ऊपर-मध्य मे होइत अछि। राशिक संख्या लग्नक अनुसार घुमैत अछि।
निष्कर्ष
ज्योतिष आत्म-ज्ञान आ समय-प्रबंधनक साधन थिक। एकरा अंधविश्वास नहि, मार्गदर्शक जकाँ उपयोग करू। अपन निःशुल्क कुंडली बना कऽ एहि विद्याक प्रत्यक्ष अनुभव लिअ।
📖 English Summary — Maithili Jyotish — A Complete Introduction
Vedic astrology (Jyotish) is the ancient science of reading planetary positions at birth to understand personality, life tendencies and time periods. This article introduces the Kundli, the 12 Rashis, 27 Nakshatras, 9 Grahas and the North Indian chart style used across Mithila.
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