मंगल दोष की थिक?
जखन कुंडली मे मंगल लग्न (वा चंद्र) सँ 1, 2, 4, 7, 8 वा 12म भाव मे स्थित होथि, तखन मंगल दोष बनैत अछि। एहन जातक केँ 'मांगलिक' कहल जाइत अछि। मिथिला मे विवाह सँ पहिने पंजीकारक ओतय पंजी-विचारक संग टिपनि मिलान आ मांगलिक-विचार अनिवार्य परंपरा अछि।
कोन भाव मे दोष बनैत अछि?
पहिल भाव (स्वभाव मे उग्रता), दोसर (परिवार-वाणी), चारिम (गृह-सुख), सातम (दांपत्य), आठम (आयु-मांगल्य) आ बारहम (शय्या-सुख) — एहि भाव मे मंगलक उपस्थिति दांपत्य जीवन केँ प्रभावित करय बला मानल जाइत अछि।
परिहार — कखन दोष भंग होइत अछि?
मंगल स्वराशि (मेष/वृश्चिक) वा उच्च (मकर) मे होथि, लग्न मेष वा वृश्चिक हो, मंगल पर गुरुक दृष्टि हो — एहन अनेक नियम सँ दोष स्वतः भंग भऽ जाइत अछि। तेँ मात्र भाव देखि घबराएब उचित नहि।
विवाह मे मंगल-विचार
मांगलिकक विवाह मांगलिक सँ कयला पर दोष निष्क्रिय मानल जाइत अछि। दुनू कुंडलीक गुण मिलानक संग मंगल-मिलान अवश्य कराउ।
उपाय
मंगलदिन हनुमान जीक पूजा आ हनुमान चालीसा-सुंदरकांडक पाठ, 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्रक जप, लाल मसूरि-गुड़-ताँबाक दान, तथा परंपरा मे कुंभ विवाह — ई प्रमुख उपाय अछि। उच्चैठ भगवती वा दरभंगाक श्यामा माइ मे दर्शन सेहो शुभ मानल जाइत अछि।
निष्कर्ष
मंगल दोष अभिशाप नहि थिक — ई मंगलक ऊर्जाक प्रबंधनक संकेत थिक। हमर वेबसाइट पर निःशुल्क मंगल दोष कैलकुलेटर सँ लग्न आ चंद्र दुनू सँ जाँच करू।
📖 English Summary — Mangal Dosha — Causes, Effects and Remedies
Mangal Dosha forms when Mars occupies houses 1, 2, 4, 7, 8 or 12 from the Lagna or Moon. This article covers its causes, cancellation rules, marriage considerations and remedies like Hanuman worship and Mars mantras.
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