☎ हिंदी ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026
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वार्षिक राशिफल 2026 | Varshik Rashifal — 12 राशियां

हिंदी संवत: पराभव | शनि मीन में · गुरु जून से कर्क में · राहु कुंभ, केतु सिंह

📖 वार्षिक राशिफल क्या है? | What is Varshik Rashifal?

वार्षिक राशिफल किसी एक वर्ष में धीमी चाल वाले ग्रहों के गोचर को आपकी चंद्र राशि से पढ़कर निकाला गया फल है। यह जन्मकुंडली का विकल्प नहीं — यह एक ही राशि वालों पर समान रूप से लागू होने वाला सामान्य चित्र है।

यह फल निकाला कैसे जाता है?

तीन बातें जोड़कर। पहली — शनि, गुरु, राहु और केतु आपकी राशि से किस भाव में हैं। दूसरी — उनकी दृष्टि किस भाव पर पड़ रही है; गुरु की पांचवीं, सातवीं और नवीं दृष्टि तथा शनि की तीसरी, सातवीं और दसवीं। तीसरी — राशि का स्वामी और चल रही दशा।

2026 के चार मुख्य गोचर

  • शनि मीन राशि में — 29 मार्च 2025 से 2027 तक, और जुलाई से नवंबर 2026 वक्री। इसी से मेष, कुंभ और मीन की साढ़ेसाती, धनु का चौथे भाव वाला कंटक शनि और सिंह का अष्टम शनि बनता है।
  • गुरु जून 2026 से कर्क में — उससे पहले मिथुन में। यह एक बदलाव हर राशि का भाव बदल देता है, इसीलिए हर राशि का पहला और दूसरा आधा अलग है।
  • राहु कुंभ में और केतु सिंह में — यह अक्ष पूरे 2026 बना रहता है।
  • स्वामी की स्थिति — ऊपर के तीनों योग राशि के स्वामी से शनि की मित्रता या शत्रुता के हिसाब से पढ़े जाते हैं।

उपायों के बारे में एक साफ बात

इस पृष्ठ पर हर राशि के उपाय उत्तर भारत के ही हैं — उज्जैन, वृंदावन, वाराणसी, हरिद्वार, प्रयागराज, मथुरा, ऋषिकेश, रणथंभौर, दौसा और देव (औरंगाबाद)। जहां प्रसिद्ध स्थान इस क्षेत्र से बाहर है, जैसे शनि शिंगणापुर, वहां यह साफ लिखा है और उत्तर भारत में जो वास्तव में किया जाता है वही बताया गया है।

60 संवत्सर | The 60-year cycle

विक्रम संवत में 60 वर्षों का एक चक्र है — प्रभव, विभव, शुक्ल, प्रमोदूत आदि। 2026 का संवत्सर पराभव है।