🪐 शनि की साढ़े साती कैलकुलेटर
जन्म विवरण से जानें — साढ़े साती कब आई/आएगी, कौन-सा चरण चल रहा है और कब समाप्त होगी
📐 साढ़े साती अस्ल में क्या है — हिसाब ठीक कर लें
साढ़े साती का अर्थ है जन्म चंद्र राशि से बारहवें, प्रथम और द्वितीय भाव में शनि का लगातार गोचर। शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष रहते हैं, इसलिए तीनों मिलकर लगभग साढ़े सात वर्ष। यहाँ एक बात स्पष्ट करना ज़रूरी है: कई वेबसाइटें इसे ‘प्रथम, द्वितीय और तृतीय भाव’ लिख देती हैं। वह एक भाव आगे खिसक गया है और पूरी अवधि ढाई वर्ष गलत बताता है।
दूसरी आम भूल गिनती में है — ‘साढ़े सात’ को सात वर्ष पाँच महीने पढ़ लेना। ठीक हिसाब ढाई + ढाई + ढाई = सात वर्ष छह महीने है। शनि की पूरी परिक्रमा लगभग 29 वर्ष 6 महीने होने से एक सामान्य आयु में साढ़े साती दो से तीन बार आती है।
इस समय शनि मीन राशि में हैं। पक्की तिथियाँ तीन हैं: 29 मार्च 2025 को मीन में प्रवेश, 3 जून 2027 को पहली बार मेष में, फिर वक्री होकर अक्टूबर 2027 में लौटकर मीन, और फरवरी 2028 में स्थायी रूप से मेष। इसलिए इस समय साढ़े साती केवल कुंभ (तृतीय चरण), मीन (शिखर) और मेष (प्रथम चरण) को है। सिंह को अष्टम शनि और धनु को कंटक शनि चल रहा है — वे ढैया हैं, साढ़े साती नहीं।