☀️ दिन का चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त)
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| चर | 6:20 AM – 7:46 AM | सामान्य |
| लाभ | 7:46 AM – 9:13 AM | शुभ |
| अमृत | 9:13 AM – 10:40 AM | अति शुभ |
| काल | 10:40 AM – 12:07 PM | अशुभ |
| शुभ | 12:07 PM – 1:34 PM | शुभ |
| रोग | 1:34 PM – 3:01 PM | अशुभ |
| उद्वेग | 3:01 PM – 4:28 PM | अशुभ |
| चर | 4:28 PM – 5:55 PM | सामान्य |
🌙 रात का चौघड़िया (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| रोग | 5:55 PM – 7:28 PM | अशुभ |
| उद्वेग | 7:28 PM – 9:01 PM | अशुभ |
| चर | 9:01 PM – 10:34 PM | सामान्य |
| लाभ | 10:34 PM – 12:07 AM | शुभ |
| अमृत | 12:07 AM – 1:40 AM | अति शुभ |
| काल | 1:40 AM – 3:13 AM | अशुभ |
| शुभ | 3:13 AM – 4:46 AM | शुभ |
| रोग | 4:46 AM – 6:20 AM | अशुभ |
ℹ️ चौघड़िया क्या है? | About Choghadiya
चौघड़िया उत्तर भारत में शुभ मुहूर्त देखने की सर्वाधिक प्रचलित पद्धति है। दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) — प्रत्येक को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक भाग लगभग डेढ़ घंटे (चार घड़ी) का होता है, इसीलिए इसे 'चौघड़िया' कहते हैं।
चौघड़िया के प्रकार
- अमृत — अति शुभ। सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम।
- शुभ — शुभ। विवाह, पूजा, नए कार्य के लिए उत्तम।
- लाभ — शुभ। व्यापार, धन-संबंधी कार्यों और शिक्षा-आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
- चर — सामान्य/चलायमान। यात्रा के लिए विशेष अच्छा।
- उद्वेग — अशुभ। सरकारी कार्यों को छोड़कर अन्य कार्य टालें।
- काल — अशुभ। शुभ कार्य न करें (धन-संचय के लिए कुछ परंपराएँ स्वीकारती हैं)।
- रोग — अशुभ। केवल युद्ध/प्रतिस्पर्धा जैसे कार्यों के लिए ठीक माना जाता है।
यह गणना दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर अनुमानित है। आपके नगर में समय कुछ मिनट भिन्न हो सकता है।