☎ हिंदी ज्योतिष सेवा 📅 16 October 2026

🔴 नवग्रह — मंगल (Mars)

Navagraha Hindi | मंगल Planet | Vedic Astrology

🔴 मंगल — Mars ग्रह विवरण

मंगल साहस, भाई-बहन, भूमि, रक्त और ऊर्जा का कारक है। पराक्रम और प्रतिस्पर्धा इसके क्षेत्र हैं।

🏠 स्वामी राशिमेष, वृश्चिक 📈 उच्चमकर (28°)
📉 नीचकर्क 💎 रत्नमूंगा (Coral)
📅 वारमंगलवार 🎨 रंगलाल
🕉️ आराध्य देवहनुमान, कार्तिकेय
🙏 मंत्रॐ अं अंगारकाय नमः
🏛️ प्रमुख मंदिरमंगलनाथ मंदिर (उज्जैन)

📊 मंगल ग्रह के फल

✅ बलवान मंगल — शुभ फल

साहस, पराक्रम, भूमि-भवन लाभ। भाई-बहन का सहयोग। शारीरिक बल।

⚠️ निर्बल मंगल — चुनौतियाँ

क्रोध, दुर्घटना का भय। भाई-बहन से मतभेद। रक्त-विकार। मंगल दोष।

📖 मंगल के बारे में

मंगल साहस, भाई-बहन, भूमि, रक्त और ऊर्जा का कारक है। बलवान मंगल वाले जातक सेना, पुलिस, शल्य-चिकित्सा, इंजीनियरिंग और भूमि-भवन के क्षेत्रों में सफल होते हैं।

मंगल मेष और वृश्चिक का स्वामी है, मकर (28°) में उच्च और कर्क में नीच। मंगल की 4, 7 और 8वीं दृष्टि विशेष होती है। विवाह-विचार में मंगल की स्थिति ध्यान से देखी जाती है — यही मंगल दोष की जाँच का आधार है।

मंगलवार हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और लाल मसूर-गुड़ का दान मंगल को बलवान करते हैं। उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर प्रमुख है। मूंगा मंगल का रत्न है।

🎯 मंगल किसके कारक हैं

मंगल तृतीय और षष्ठ भाव के नैसर्गिक कारक हैं — साहस, छोटा भाई, प्रतिस्पर्धा और शत्रु। वे भूमि के भी कारक हैं, इसलिए ज़मीन-जायदाद के प्रश्न का उत्तर मंगल देखे बिना नहीं दिया जाता।

एक प्रचलित भूल मंगल को केवल ‘दोष का ग्रह’ मान लेना है। मंगल दोष एक विशेष भाव-स्थिति का नाम है, ग्रह के स्वभाव का नहीं; मंगल का असली काम रक्षा करना है।

🏠 स्वामित्व, मूलत्रिकोण और उच्च-नीच अंश

मंगल दो राशियों के स्वामी हैं — मेष और वृश्चिक। मूलत्रिकोण मेष के 0° से 12°। उच्च मकर 28°, नीच कर्क 28°।

दोनों राशियों का स्वभाव पूरी तरह अलग है और पाठ में यह बात लगभग हमेशा छूट जाती है: मेष का मंगल अग्नि और चर है — बाहर लड़ता है; वृश्चिक का मंगल जल और स्थिर है — भीतर सँभालकर रखता है। इसीलिए मेष लग्न का क्रोध दिखता है और वृश्चिक लग्न का नहीं।

⏳ मंगल की दशा का स्वभाव

मंगल महादशा सात वर्ष की है। मृगशिरा, चित्रा या धनिष्ठा में जन्म हो तो यह पहली दशा होती है।

स्वभाव — ‘उद्यम’। इन सात वर्षों में अधिकांश जातक प्रतियोगी परीक्षा, भूमि-क्रय, निर्माण या अपने व्यापार का आरंभ देखते हैं। फल तेज़ी से आता है पर अधिक समय टिकता नहीं — मंगल शुरू कराते हैं, शनि स्थिर करते हैं। राहु की अंतर्दशा में अनावश्यक विवाद और चोट से सावधान रहना चाहिए।

🌿 मंगल के लिए व्यावहारिक उपाय

मंगलवार मसूर दाल और गुड़ का दान, वर्ष में एक बार रक्तदान, नियमित शारीरिक श्रम, और क्रोध का उत्तर एक दिन बाद देने की आदत।

उत्तर भारत में मंगल-बल की सबसे परिचित अभिव्यक्ति हनुमान-उपासना है; अयोध्या की हनुमानगढ़ी में मंगलवार की भीड़ इसी धारणा से जुड़ी है। जो शरीर सेवा में लगता है वह झगड़े में नहीं लगता।

❓ मंगल ग्रह — प्रश्नोत्तर

मेष और वृश्चिक के मंगल में अंतर क्या है?

मेष अग्नि और चर है — मंगल बाहर लड़ता है और क्रोध दिखता है। वृश्चिक जल और स्थिर है — मंगल भीतर सँभालता है और क्रोध दिखता नहीं।

मंगल दोष हो तो क्या विवाह नहीं होता?

यह गलत धारणा है। मंगल दोष 1, 4, 7, 8 और 12वें भाव की एक स्थिति भर है और कई अवस्थाओं में स्वयं भंग हो जाता है।

क्या मंगल की दशा में ज़मीन खरीदना ठीक है?

मंगल भूमि के कारक हैं इसलिए काम आगे बढ़ता है। पर वे विवाद के भी कारक हैं — कब्ज़ा, सीमा और कागज़ जाँचे बिना बयाना देना इस दशा की सबसे आम भूल है।

🕌 मंगल के उपाय और पूजा

📿 मंत्र

ॐ अं अंगारकाय नमः

108 बार जप करें — मंगलवार को विशेष रूप से

🛕 मंदिर

मंगलनाथ मंदिर (उज्जैन)

💎 रत्न

मूंगा (Coral) — ज्योतिषी के परामर्श से धारण करें