साढ़े साती क्या है?
गोचर का शनि जब आपकी चंद्र राशि से 12वीं राशि में प्रवेश करता है, तब साढ़े साती आरंभ होती है और चंद्र राशि से दूसरी राशि पार करने तक चलती है। शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष रहता है — इस प्रकार कुल अवधि साढ़े सात वर्ष होती है।
प्रथम चरण (उदय)
शनि चंद्र से 12वें भाव में — व्यय बढ़ता है, योजनाओं में विलंब आता है। यह तैयारी का समय है।
द्वितीय चरण (शिखर)
शनि चंद्र राशि पर — सबसे प्रभावशाली चरण। स्वास्थ्य, मानसिक शांति और पारिवारिक मामलों में विशेष सतर्कता चाहिए। परिश्रम का कठोर मूल्यांकन होता है।
तृतीय चरण (अस्त)
शनि चंद्र से दूसरे भाव में — प्रभाव घटने लगता है और परिश्रम का फल मिलना आरंभ होता है।
क्या साढ़े साती सदैव बुरी होती है?
नहीं। शनि कर्म का न्यायाधीश है — जो कर्मठ और ईमानदार हैं, उन्हें साढ़े साती में बड़ी उपलब्धियाँ भी मिलती हैं। अनेक व्यक्तियों को इसी अवधि में करियर की ऊँचाई मिली है।
उपाय
शनिवार का व्रत, शनि मंदिर में तिल-तेल का दीपदान, हनुमान चालीसा का पाठ, काले तिल-लोहे-उड़द का दान और श्रमिकों की सेवा — ये प्रमुख उपाय हैं। 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जप करें।
अपनी साढ़े साती जानें
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📖 English Summary — Shani Sade Sati — Three Phases and Remedies
Sade Sati is the 7.5-year period when transit Saturn passes over the 12th, 1st and 2nd signs from your Moon sign. Learn its three phases, real effects and remedies including Saturday fasting and Hanuman Chalisa.
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